
भारत दुनिया में चौथी सबसे बड़ी अर्थ शक्ति बन चुका है।
साल 2014 में भारत सरकार की कमान संभालने वाले मोदी
ने अपने फैसलों और नीतियों के जरिए न सिर्फ देश को विकास
की राह पर तेज रफ्तार से आगे बढ़ाया बल्कि रक्षा क्षेत्र से लेकर
विदेश नीति के मोर्चे पर भारत को मजबूत किया है। वसुधैव
कुंटमबकम के लक्ष्य से आगे बढ़ रहे पीएम मोदी को आज
एक प्रभावशाली वैश्विक नेता के तौर पर एक नई पहचान
दी गई। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए दुनिया को नए भारत के
नए तेवरों का संदेश देने वाले पीएम मोदी के कार्यकाल का
11वां वर्ष बीत रहा है। ऑपरेशन सिंदूर में मिली जोरदार
कामयाबी के बाद उनकी छवि एक मजबूत अविश्वसनीय
वैश्विक नेता के रूप में और भी सशक्त हुई है। पीएम मोदी
आज न केवल भारत के बल्कि विश्व राजनीति के सबसे
प्रभावशाली नेताओं में शुमार हैं। दुनिया उनके लिए लिए
गए फैसलों और नीतियों को उम्मीद भरी नजरों से देखती
है। वहीं मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का एक साल हो
चुका है। गौरतलब है कि जब जून 2024 में नरेंद्र मोदी
तीसरी बार प्रधानमंत्री की कुर्सी पर काबिज हए तो व्हाइट
हाउस में सेकेंड इनिंग के लिए जो बाइडेन और डोनाल्ड ट्रंप
के बीच कड़ी टक्कर होने वाली थी। चीन के साथ पिछले चार
सालों से चला आ रहा सीमा विवाद कायम था।
2019 के बाद पाक की शह पर आतंकियों ने खून बहाए ट्रंप के फैसले चौंकाएं
वहीं पाकिस्तान में सेना की शह पर नई कठपुतली सरकार
का गठन हो गया था। इन सब में सबसे अहम ये रहा था कि
फरवरी 2019 के बाद से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों
द्वारा कोई बड़ा हमला नहीं किया गया था। लेकिन इन एक
साल में भारत समेत दुनिया कई सारे बदलावों से दो चार हुआ।
व्हाइट हाउस में ट्रंप की एंट्री हो गई। लद्दाख में भारतीय और
चीनी सैनिकों की वापसी हो चुकी है। शेख हसीना को सत्ता से
बेदखल कर दिया गया है और कट्टरपंथी समर्थक युनूस ने
कमान संभाल ली हैा वहीं पहलगाम में नागरिक पर्यटकों को
निशाना बनाकर किए गए एक बड़े आतंकी हमले के बाद
भारत ने पाकिस्तान के साथ चार दिनों तक सैन्य टकराव
भी देखने को मिला। 90 के दशक में गोविंदा की आई गैंबलर
फिल्म के गाने मैं चाहे ये करूं, मैं चाहे वो करूं, मेरी मर्जी की
तर्ज पर जनवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड
ट्रंप ने ये करूं या वो करूं के चक्कर में इनके खुद के देश नहीं
बल्कि पूरी दुनिया में खलबली मचा दी। शपथ लेने के कुछ ही
घंटों में इन्होने फास्ट ट्रैक अंदाज में पहले की सरकार के 78 से
ज्यादा फैसले बदल दिया। धराधर एक्सीक्यूटिव ऑर्डर पास
कर दिए।शपथ लेने के तुरंत बाद इन्होंने कहा कि अवैध
अप्रवासियों को बर्थ राइट सिटीजनशिप नहीं मिलेगी।
फिर कहा ड्राइवर गाड़ी निकालो हमें डब्लूएचओ से बाहर
जाना है। फिर कहा क्लाइमेट चेंज बकवास है। इसके साथ
ही धराधर पैरासीटामोल की गोली की तरह सभी देशों पर
टैरिफ भी ठोंकने में लग गए। वहीं अपने घरेलू वोट बैंक को
संदेश देते हुए ट्रम्प ने अवैध अप्रवासियों के निर्वासन का
तमाशा बनाया।