40 टन RDX का क्या करने वाला है बांग्लादेश
बांग्लादेश को पाकिस्तान से तीन किश्तों में हजारों राउंड गोला-बारूद सप्लाई का आदेश दिया
गया है। खबरों के मुताबिक गोला-बारूद का इस्तेमाल तोपखाने में बंदूकों में किया जाना है।
शेख हसीना के जाने के बाद एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में भारतीय सरकार को पता चला है कि
बांग्लादेश को पाकिस्तान से रक्षा सामग्री की एक बड़ी खेप मिलने वाली है।पहले आंदोलन,
फिर तख्तापलट और हिंदुओं पर हिंसा बांग्लादेश में कट्टपंथी साजिश की तस्वीरों से दुनिया
दो चार हो गई। बांग्लादेश अपनी ही आग में खुद को झुलसा बैठा। बांग्लादेश सुलग रहा है और
ढाका में हिंसा की आग थामे नहीं थम रही है। अब बांग्लादेश की कट्टरपंथी सरकार ने पाकिस्तान
से हथियारों का एक बड़ा ऑर्डर देकर अपनी मंशा को जाहिर कर दिया है। बांग्लादेश के ताजा
हालातों में पाकिस्तान के हथियार कितना खून बहा सकते हैं वो वहां की ताजा तस्वीरों से समझा
जा सकता है। लेकिन बांग्लादेश के नए हाकिमों ने देश को पूरी तरह से तबाह करने का प्लान
तैयार कर लिया है। शेख हसीना की कुर्सी को पलट कर देश की सत्ता पर बैठे मोहम्मद युनूस का
पाकिस्तान प्रेम सामने आने लगा है। खबर है कि अंतरिम सरकार के स्थापित होने के ठीक तीन
हफ्ते बाद ढाका ने पाकिस्तान से तोपखाने के लिए गोला- बारूद की ताजा आपूर्ति का आदेश
दिया है। बांग्लादेश को पाकिस्तान से तीन किश्तों में हजारों राउंड गोला-बारूद सप्लाई का
आदेश दिया गया है। खबरों के मुताबिक गोला-बारूद का इस्तेमाल तोपखाने में बंदूकों
में किया जाना है।
40 टन RDX का क्या करने वाला है बांग्लादेश
हालांकि यह पाकिस्तान द्वारा बांग्लादेश को गोला-बारूद की आपूर्ति करने का पहला
मामला नहीं है, मौजूदा ऑर्डर पिछले ऑर्डर की तुलना में काफी बड़ा है। विवरण के
अनुसार, शिपमेंट तीन चरणों में होने वाला है, जो सितंबर 2024 के पहले सप्ताह में
शुरू होगा और दिसंबर 2024 तक समाप्त होगा। पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (POF)
के महाप्रबंधक निर्यात के एक पत्र से बांग्लादेश को पूरक रक्षा निर्यात का विवरण सामने
आया है। हवेलियन, संजवाल और गडवाल सहित विभिन्न पीओएफ डिवीजनों के प्रबंध
निदेशकों को संबोधित पत्राचार, निर्यात किए जाने वाले अतिरिक्त रक्षा भंडार की विशिष्टताओं
की रूपरेखा तैयार करता है। यह कदम बांग्लादेश की अपनी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने
के प्रयासों को इंगित करता है और संभावित रूप से नए नेतृत्व के तहत पाकिस्तान
के साथ संबंधों को मजबूत करने का संकेत देता है।