
भारतीय टीम महाद्वीप की शीर्ष टीमों को टक्कर देने में नाकाम रही
सीरिया को हराना भारतीय फुटबॉल टीम के लिए चुनौती
फीफा रैंकिंग में भारत (102वें पायदान) से
11 स्थान ऊपर 91वें स्थान पर है। कोच इगोर स्टिमक
की टीम के लिए हालांकि जीत असंभव नहीं है क्योंकि
उन्होंने अतीत में (2007, 2009 और 2012 के नेहरू
कप टूर्नामेंट में) सीरिया पर जीत हासिल की है।
दोनों टीमों ने पिछली बार 2019 में इंटरकांटिनेंटल
कप में एक-दूसरे का सामना किया था। उस समय भी
स्टिमक टीम के मुख्य कोच थे। अहमदाबाद में खेला गया
यह मुकाबला 1-1 की बराबरी पर छूटा था।
तीसरे स्थान की छह में से चार सर्वश्रेष्ठ टीम में जगह बनाना मुश्किल
भारत अगर ‘अल बायत स्टेडियम’ में सीरिया को हरा देता है
तो वह ग्रुप बी में तीसरे स्थान पर रहेगा। यह हालांकि
अंतिम 16 में उसे जगह दिलाने के लिए काफी नहीं होगा।
भारत के खिलाफ पांच गोल हुए हैं और टीम एक भी गोल
करने में नाकाम रही है। ऐसे में टीम के लिए तीसरे स्थान
की छह में से चार सर्वश्रेष्ठ टीम में जगह बनाना मुश्किल होगा।
हर ग्रुप की शीर्ष दो टीम के अलावा तीसरे स्थान की चार
टीमें अगले चरण के लिए क्वालीफाई करेगी। ग्रुप चरण का
आखिरी मैच गुरुवार (ग्रुप ई और ग्रुप एफ) को खेला जायेगा।
सीरिया को हराना भारतीय फुटबॉल टीम के लिए चुनौती
सीरिया को अगर टीम हराने में सफल रही तब भी उसके
आगे बढ़ने की संभावना का पता उसी दिन चलेगा।
उज्बेकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम को गोल करने के
तीन मौके मिले थे लेकिन टीम एक को भी भुनाने में सफल नहीं रही।
सीरिया दो मैचों में एक अंक के साथ भारत से बेहतर स्थिति में
स्टिमक ने कहा, ‘‘ इस स्तर पर गोल खाने का कोई सही समय नहीं होता है।
अगर आप उज्बेकिस्तान जैसी टीम को समय और जगह देंगे तो वह
आपको नहीं छोड़ेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हमें सुधार करने के लिए काम करना होगा।
मैदान में ज्यादा जगह देने से बचना होगा और अहम मैचों को जीतने की
कोशिश करनी होगी।’’ सीरिया दो मैचों में एक अंक के साथ भारत से
बेहतर स्थिति में है। टीम ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ गोलरहित
ड्रॉ खेला था जबकि ऑस्ट्रेलिया से उसे 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था।