Asia Cup 2025 Hockey: विश्व कप में जगह बनाने पर भारतीय हॉकी टीम की नजरें, एशिया कप में दिखाना होगा दम

Asia Cup 2025 Hockey: विश्व कप में जगह बनाने पर भारतीय हॉकी टीम की नजरें, एशिया कप में दिखाना होगा दम
Asia Cup 2025 Hockey: विश्व कप में जगह बनाने पर भारतीय हॉकी टीम की नजरें, एशिया कप में दिखाना होगा दम
भारतीय टीम पिछले कुछ अर्से के खराब फॉर्म को भुलाकर पुरूष एशिया कप हॉकी
टूर्नामेंट जीतकर अगले साल होने वाले
विश्व कप में जगह बनाने के इरादे से उतरेगी।
भारत को शुक्रवार, 29 अगस्त को पहले मैच में चीन से खेलना है।
तीन बार की चैम्पियन भारतीय टीम पिछले कुछ अर्से के खराब फॉर्म को भुलाकर
पुरूष एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट जीतकर अगले साल होने वाले
विश्व कप में जगह बनाने के इरादे से उतरेगी। भारत को शुक्रवार
29 अगस्त को पहले मैच में चीन से खेलना है।
भारत और चीन को पूल ए में जापान और कजाखस्तान के साथ रखा गया है
जबकि पूल बी में पांच बार की चैम्पियन दक्षिण कोरिया, मलेशिया, बांग्लादेश और चीनी ताइपै हैं।

वहीं, कजाखस्तान तीन दशक में पहली बार एशिया कप खेल रही है

जिसने ओमान की जगह ली है जबकि बांग्लादेश की जगह पाकिस्तान खेल रहा है।

Asia Cup 2025 Hockey: विश्व कप में जगह बनाने पर भारतीय हॉकी टीम की नजरें, एशिया कप में दिखाना होगा दम

अप्रैल में पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद भारत के आपरेशन सिंदूर के मद्देनजर

पाकिस्तान ने सुरक्षा कारणों से नाम वापिस ले लिया। हर पूल की शीर्ष दो

टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी जबकि फाइनल सात सितंबर को होगा।

यह टूर्नामेंट अगले साल 14 से 30 अगस्त तक

बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले विश्व कप के लिये क्वालीफाई करने

का भारत के पास सर्वश्रेष्ठ और आखिरी मौका है।

भारत ने पहला मौका गंवा दिया जब यूरोपीय चरण में खराब प्रदर्शन के बाद

वह एफआईएच प्रो लीग में सातवें स्थान पर खिसक गया।

भारत ने आठ में से सिर्फ एक मैच जीता

और सात मैच लगातार हारे जिससे कोच क्रेग फुल्टोन को एशिया कप

में अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम उतारनी पड़ी है।

फुल्टोन ने स्वीकार किया कि एशिया कप इस साल का सबसे अहम टूर्नामेंट है।

भारत को इस टूर्नामेंट में शीर्ष रैंकिंग मिली है और टीम बेहतरीन प्रदर्शन करके

आलोचकों का मुंह बंद करना चाहेगी। इसके लिये कोच फुल्टोन को रक्षण पर फोकस वाली

अपनी रणनीति बदलनी होगी जो प्रो लीग में नाकाम रही।

भारत ने आठ मैचों में 26 गोल गंवाये और कई बार डिफेंडरों की गलती से हारे।

इस टूर्नामेंट में हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम डिफेंस में कोई कोताही नहीं बरत सकती।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »