
2024 में सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गरीब, महिलाएं, किसान और युवा हैं
Budget 2024 में बड़े ऐलान से परहेज टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं
– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को संसद में अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि
भारतीय अर्थव्यवस्था में पिछले 10 साल में गहरा सकारात्मक परिवर्तन देखा गया है।
सीतारमण ने अपने चुनाव पूर्व बजट में कहा कि भारत के लोग आशा और विकल्पों के साथ
भविष्य की ओर देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने
समावेश के सभी पहलुओं का ध्यान रखा। वित्त मंत्री ने कहा कि संरचनात्मक सुधारों, जन-समर्थक
कार्यक्रमों और रोजगार के अवसरों ने अर्थव्यवस्था को नई ताकत देने में मदद की।
आपको हम बजट की बड़ी बाते बताते हैं
– सीतारमण ने कहा कि सरकार 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने की दिशा में काम कर
रही है। सीतारमण ने अंतरिम बजट 2024-25 पेश करते हुए कहा कि ‘‘अन्नदाता’’ (किसानों) के लिए
न्यूनतम समर्थन मूल्य समय-समय पर और उचित रूप से बढ़ाया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि
सरकार के लिए सामाजिक न्याय एक प्रभावी तथा आवश्यक ‘मॉडल’ है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार
प्रणालीगत असमानताओं को दूर करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
– वित्त मंत्री ने कहा कि देश में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिलने से उनकी भोजन संबंधी
चिंताएं खत्म हो गयी हैं। उन्होंने लोकसभा में अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि 2014 में
जब मोदी सरकार सत्ता में आई, तो भारत भारी चुनौतियों का सामना कर रहा था और सरकार
ने सही तरीके से चुनौतियों पर काबू पाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल नवंबर में कहा
था कि उनकी सरकार गरीब आबादी के लिए मुफ्त राशन योजना को पांच साल के लिए बढ़ाएगी।
– वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 10 साल में 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से मुक्ति मिली है।
उन्होंने लोकसभा में अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि गरीबी से निपटने के पिछली सरकारों
के नजरिये से बेहद मामूली परिणाम मिले। सीतारमण ने कहा कि अब पारदर्शिता के आधार पर
सभी पात्र नागरिकों को लाभ हस्तांतरित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के
जरिये परिवर्तनकारी सुधारों की शुरुआत की जा रही है। सरकार वृद्धि को प्रोत्साहित करने के
लिए अगली पीढ़ी के सुधार करेगी और अगले पांच साल अभूतपूर्व वृद्धि वाले होंगे।
सीतारमण ने कहा कि आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं
प्रत्यक्ष और परोक्ष कर की दरों में कोई
बदलाव नहीं किया जा रहा। वित्त वर्ष 2024-25 में 30.80 लाख करोड़ रुपये की कुल प्राप्तियां
(उधारी को छोड़कर) रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि कर रिटर्न की प्रक्रिया में लगाने वाला
समय 2014 में 93 दिन से घटकर अब 10 दिन रह गया है, रिफंड तेजी से किया गया। उन्होंने कहा
कि हमारी सरकार आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों के तेजी से विकास में राज्यों की मदद करने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि सरकार 2014 से पहले के वक्त के आर्थिक कुप्रबंधन पर श्वेतपत्र लेकर आएगी।
– देश ग्रामीण आवास योजना के तहत तीन करोड़ घरों का लक्ष्य हासिल करने के करीब है
और अगले पांच साल में दो करोड़ घरों का निर्माण किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
ने बृहस्पतिवार को अंतरिम बजट पेश करते हुए यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने
इस महीने की शुरुआत में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा
अभियान (पीएम-जनमन) के तहत ग्रामीण आवास योजना के एक लाख लाभार्थियों को 540
करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की थी। सीतारमण ने कहा कि सरकार पात्र मध्यम वर्ग को
अपना घर खरीदने या बनाने के लिए एक आवासीय योजना शुरू करेगी।
Budget 2024 में बड़े ऐलान से परहेज टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं
– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में
राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष के 5.8 प्रतिशत के मुकाबले सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर प्राप्तियां 26.02 लाख करोड़ रुपये का अनुमान है। उ
न्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 5.8 प्रतिशत
रहने का अनुमान है, जो पहले के अनुमान 5.9 प्रतिशत से कम है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए GDP का अर्थ गवर्नेंस, परफॉर्मेंस और डेवलपमेंट है।
– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को देश में दूध और दुग्ध (डेयरी) उत्पादन बढ़ाने की
योजना की घोषणा की। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे बड़ा दूध उत्पादक है, लेकिन
उत्पादकता कम है। भारत का दूध उत्पादन 2022-23 में चार प्रतिशत बढ़कर 23.05 करोड़ टन हो गया।
उन्होंने यह भी कहा कि तिलहन उत्पादन के लिए आत्मनिर्भरता के लिए एक रणनीति विकसित की जाएगी।
11.8 करोड़ किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि पीएम किसान योजना के
तहत 11.8 करोड़ किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री किसान
सम्मान निधि (पीएम-किसान) दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी)
योजनाओं में से है। पीएम-किसान योजना के तहत सरकार तीन समान मासिक किस्तों
में प्रति वर्ष 6,000 रुपये का वित्तीय लाभ प्रदान करती है। यह पैसा देशभर के किसान परिवारों
के बैंक खातों में ‘डीबीटी’ के जरिये डाला जाता है।