China के लैब में हुआ कोरोना वायरस का जन्म
चीन ने अतीत में लैब के दावे को वाशिंगटन द्वारा राजनीतिक हेरफेर बताते हुए खारिज किया
गया है। 2023 में, एफबीआई निदेशक क्रिस्टोफर रे ने फॉक्स न्यूज को बताया कि यह उनके
ब्यूरो का आकलन था कि महामारी की उत्पत्ति संभवतः एक संभावित प्रयोगशाला घटना है।
अमेरिका की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी सीआईए का मानना है कि कोविड 19 महामारी के लिए
जिम्मेदार वायरस संभवतः एक प्रयोगशाला से उत्पन्न हुआ है। इसमें चीन की ओर इशारा
किया गया है, जबकि एजेंसी ने यह भी स्वीकार किया है कि उसे पर्याप्त सबूत नहीं होने के
चलते अपने निष्कर्ष पर ‘कम विश्वास’ है। हालांकि यह खोज किसी नई ख़ुफ़िया जानकारी
का परिणाम नहीं है। जारी की गई रिपोर्ट बिडेन प्रशासन और पूर्व सीआईए निदेशक विलियम
बर्न्स के आदेश पर पूरी की गई थी। इसे राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एजेंसी का नेतृत्व करने
के लिए चुने गए जॉन रैटक्लिफ के आदेश पर सार्वजनिक किया गया। एजेंसी का मानना है
कि सबूतों की समग्रता प्राकृतिक उत्पत्ति की तुलना में प्रयोगशाला उत्पत्ति की अधिक
संभावना बनाती है। लेकिन एजेंसी का मूल्यांकन इस निष्कर्ष पर कम विश्वास रखता है।
लैब लीक थ्योरी विशेष रूप से वैज्ञानिकों द्वारा जोरदार विरोध किया गया है, जिनमें कई
लोग कहते हैं कि इसका समर्थन करने के लिए कोई निश्चित सबूत नहीं है। चीन ने अतीत
में लैब के दावे को वाशिंगटन द्वारा राजनीतिक हेरफेर बताते हुए खारिज किया गया है।
2023 में, एफबीआई निदेशक क्रिस्टोफर रे ने फॉक्स न्यूज को बताया कि यह उनके
ब्यूरो का आकलन था कि महामारी की उत्पत्ति संभवतः एक संभावित प्रयोगशाला घटना
है। रिपोर्ट को लेकर अमेरिकी सांसदों ने खुफिया एजेंसियों से अधिक जानकारी की मांग
की है। वहीं, चीन के अधिकारियों ने इस रिपोर्ट को राजनीति से प्रेरित और अविश्वसनीय
बताया है। चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि वायरस की उत्पत्ति का राजनीतिकरण
करना और साजिशों को बढ़ावा देना विज्ञान का अपमान है। सीआईए ने कहा है कि अगर
कोई नई जानकारी सामने आती है, तो वे रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे।