
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राज्य में संशोधित वक्फ
अधिनियम के कार्यान्वयन का विरोध करने वाले अपने सार्वजनिक बयानों के माध्यम से हिंसा भड़काने
का आरोप लगाया। कोच्चि में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए रिजिजू ने सवाल किया कि संवैधानिक पद
पर आसीन मुख्यमंत्री कैसे खुले तौर पर घोषणा कर सकती हैं कि वह संसद द्वारा पारित कानून को लागू
नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि कैसे वह कैसे कह सकती हैं कि वह इसे लागू नहीं करेंगी? वह एक संवैधानिक
पद पर बैठी हैं और कानून एक संवैधानिक निकाय द्वारा पारित किया गया है, फिर वह कैसे कह सकती हैं
कि वह किसी ऐसी चीज का पालन नहीं करेंगी जो संवैधानिक है।” उन्होंने कहा कि इस तरह का रुख
संवैधानिक ढांचे और कानून के शासन को कमजोर करता है।
CM ममता हिंसा भड़काने का कर रहीं प्रयास
केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री लोगों को विरोध-प्रदर्शन के लिए उकसाकर
और यह कहकर हिंसा भड़का रही हैं कि वह संसद में पारित कानून को लागू नहीं करेंगी। राज्य में वक्फ
अधिनियम से संबंधित हिंसा के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में रिजिजू ने बनर्जी को दोषी ठहराया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लोगों से विरोध प्रदर्शन करने के लिए कहकर और यह कहकर कि वह संसद
द्वारा पारित कानून का पालन नहीं करेंगी, स्पष्ट रूप से हिंसा भड़का रही हैं। हिंसा ने दक्षिण 24 परगना
और मुर्शिदाबाद जिलों के भांगड़ जैसे क्षेत्रों कोविशेष रूप से प्रभावित किया है, जहां झड़पों के परिणामस्वरूप
चोटें, संपत्ति की क्षति और मौतें हुई हैं।गौरतलब है कि हिंसा के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता
बनर्जी हाथ जोड़कर कहती हैं कि वायलेंस को बढ़ावा मत नहीं दीजिए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से तनाव के
बीच शांति बनाए रखने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अकेले पैदा होते हैं और अकेले मरते हैं
तो लड़ाई क्यों? दंगे, युद्ध या अशांति क्यों? केंद्र का कानून है इसे हम अपने राज्य में लागू नहीं होने देंगे।