CM Bhajan Lal Sharma और अधिकारी तुरंत एक्शन में आये

CM Bhajan Lal Sharma और अधिकारी तुरंत एक्शन में आये
CM Bhajan Lal Sharma और अधिकारी तुरंत एक्शन में आये
को देखकर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने हाल ही में जो नाराजगी व्यक्त की थी उसने भजन लाल शर्मा
सरकार की नींद तोड़ दी है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा अब कह रहे हैं कि अगर गर्मी के मौसम में जनता
को पानी के लिए परेशान होना पड़ा, तो जिम्मेदार अधिकारियों की खैर नहीं होगी। हम आपको बता दें
कि हाल ही में राजस्थान भाजपा की दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा झालावाड़
जिले में पेयजल संकट को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई गयी थी जिसको लेकर राज्य की
राजनीति गर्मा गयी है। विपक्षी कांग्रेस ने भजन लाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को घेरने
के लिए वसंधुरा के बयान का सहारा लिया है। वहीं केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने भी इस मामले में
हस्तक्षेप किया है। वसुंधरा राजे ने एक्स पर कहा, “क्या लोगों को प्यास नहीं लगती? केवल
अधिकारियों को ही प्यास लगती है? गर्मियों में पेयजल संकट से लोग परेशान हैं, जबकि अधिकारी
संतुष्ट हैं। पानी लोगों तक पहुंचना चाहिए, न कि केवल कागजों पर। अधिकारी सो रहे हैं, जबकि
लोग रो रहे हैं।” मैं ऐसा नहीं होने दूँगी। उन्होंने एक फोटो पोस्ट कर कहा कि रायपुर क़स्बे के ग्रामीणों
की पेयजल संकट की शिकायत पर जलजीवन मिशन और जलदाय विभाग के अफसरों को त्वरित
समाधान के सख्त निर्देश दिए। वसुंधरा ने एक अन्य पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री जी ने 42 हज़ार
करोड़ जल जीवन मिशन में दिये हैं। पाई-पाई का हिसाब दो कि झालावाड़ के हिस्से की राशि का
आपने क्या किया? पेयजल संकट निवारण के लिए हमारी सरकार तो पैसा दे रही है, लेकिन अफसर
योजनाओं की सही क्रियान्विति नहीं कर रहे।

CM Bhajan Lal Sharma और अधिकारी तुरंत एक्शन में आये

वसुंधरा राजे की ओर से की गयी आलोचना के बाद भजन लाल शर्मा सरकार जागी और मुख्यमंत्री

ने तापमान में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद पेयजल की मांग और उपलब्धता की स्थिति की

समीक्षा के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के अधिकारियों के साथ लंबी

बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्मी में जनता को अगर पानी के लिए

परेशान होना पड़ा, तो जिम्मेदार अधिकारियों की खैर नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के

दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ी है, ऐसे में आमजन को बढ़ी हुई मांग के अनुसार पर्याप्त पेयजल

मुहैया करवाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी आकस्मिक योजना के अनुसार

पेयजल प्रबंधन स्वयं की देखरेख में सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शहरों के साथ-साथ

ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किसी तरह की किल्लत नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा

कि अंतिम छोर के उपभोक्ताओं को भी पेयजल की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने

कहा कि गर्मी के मौसम में पीएचईडी के फील्ड अधिकारी एवं कर्मचारी मुख्यालय पर

उपस्थित रहें तथा बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ें।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि

गर्मी को देखते हुए नए ‘हैण्डपम्प’, नलकूप लगाने, पुराने ‘हैण्डपम्प’, नलकूपों की मरम्मत,

पाइपलाइनों को दुरस्त करने समेत पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ीकरण के सभी कार्य के 15 मई से

पहले हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए

जिलाधिकारियों को एक-एक करोड़ रुपए का ‘अनटाइड फंड’ उपलब्ध करवाया गया है।

 

 

 

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