
CM Bhajan Lal Sharma और अधिकारी तुरंत एक्शन में आये
वसुंधरा राजे की ओर से की गयी आलोचना के बाद भजन लाल शर्मा सरकार जागी और मुख्यमंत्री
ने तापमान में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद पेयजल की मांग और उपलब्धता की स्थिति की
समीक्षा के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के अधिकारियों के साथ लंबी
बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्मी में जनता को अगर पानी के लिए
परेशान होना पड़ा, तो जिम्मेदार अधिकारियों की खैर नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के
दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ी है, ऐसे में आमजन को बढ़ी हुई मांग के अनुसार पर्याप्त पेयजल
मुहैया करवाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी आकस्मिक योजना के अनुसार
पेयजल प्रबंधन स्वयं की देखरेख में सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शहरों के साथ-साथ
ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किसी तरह की किल्लत नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा
कि अंतिम छोर के उपभोक्ताओं को भी पेयजल की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने
कहा कि गर्मी के मौसम में पीएचईडी के फील्ड अधिकारी एवं कर्मचारी मुख्यालय पर
उपस्थित रहें तथा बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ें।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि
गर्मी को देखते हुए नए ‘हैण्डपम्प’, नलकूप लगाने, पुराने ‘हैण्डपम्प’, नलकूपों की मरम्मत,
पाइपलाइनों को दुरस्त करने समेत पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ीकरण के सभी कार्य के 15 मई से
पहले हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए
जिलाधिकारियों को एक-एक करोड़ रुपए का ‘अनटाइड फंड’ उपलब्ध करवाया गया है।