Delhi Rain Alert नए साल से पहले दिल्ली में वर्षा के आसार

NCR में ठंड के साथ कोहरा बरकरार

नई दिल्ली। राजधानी में ठंड तो अब ठीकठाक पड़नी शुरू हो गई है,
लेकिन नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ बरसने के बाद वर्षा शायद दिल्ली से नाराज हो गई है।
इसीलिए दिसंबर में अब तक एक बूंद नहीं बरसी है। माह के अगले चार दिनों में भी वर्षा की कोई संभावना नहीं है।
मौसम विभाग के मुताबिक सर्दियों का सीजन अक्टूबर से शुरू होता है।
लेकिन अक्टूबर में ही दिल्ली में 64 प्रतिशत कम वर्षा हुई।
नवंबर में वर्षा का आंकड़ा 195 प्रतिशत तक सरप्लस चला गया।
जबकि दिसंबर में यह पूर्णतया माइनस में पहुंच गया।

Delhi Rain Alert नए साल से पहले दिल्ली में वर्षा के आसार

आंकड़ों के मुताबिक, एक अक्टूबर से 27 दिसंबर तक राजधानी में 27.4 मिमी बरसात होनी चाहिए थी,
लेकिन हुई सिर्फ 23.1 मिमी यानी 16 प्रतिशत कम। अब अगर दिसंबर की बात करें
तो 27 तारीख तक बरसात होनी चाहिए थी 6.3 मि.मी. लेकिन आंकड़ा रहा है शून्य।
पिछले वर्ष भी दिसंबर में वर्षा का आंकड़ा शून्य ही रहा था।
वहीं मौसम विभाग के अनुमान है कि नए साल से पहले दिल्ली में वर्षा होने की संभावना है।
वहीं एनसीआर के कई इलाकों में कोहरे के साथ-साथ ठंड भी काफी बढ़ रही है।

पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता बहुत जरूरी

मालूम हो कि पूरे दिसंबर माह की सामान्य वर्षा 8.1 मि.मी. है। स्काईमेट वेदर के

उपाध्यक्ष (मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन) महेश पलावत बताते हैं

कि बरसात होने के लिए पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता बहुत जरूरी है।

जबकि इस साल दिसंबर में पश्चिमी विक्षोभ बहुत कम आए हैं।

जो आए, वे भी बहुत मजबूत नहीं रहे। आने वाले दिनों

में भी कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता नजर नहीं आ रहा।

नए साल पर यहां भी बारिश की संभावना

30 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने पर 31 दिसंबर व एक जनवरी

को राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बरसात होने की संभावना बन रही है,

लेकिन दिल्ली में अगर हल्की वर्षा हुई भी तो एक जनवरी को ही कुछ उम्मीद है।

वहीं भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के प्रधान कृषि विज्ञानी डॉ जेपीएस

डबास कहते हैं कि बरसात का नहीं होना या अत्यधिक कम होना फसलों की सेहत के लिए कतई अच्छा नहीं कहा जा सकता।

Delhi Rain Alert नए साल से पहले दिल्ली में वर्षा के आसार

उन्होंने बताया कि दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और

उत्तर प्रदेश में अनेक ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर फसलों की सिंचाई का बेहतर प्रबंध नहीं है।

ऐसे में वहां जौ व सरसों जैसी ऐसी फसलें उगाई जाती हैं जो कम पानी में भी उग जाएं।

इन फसलों और क्षेत्रों के लिए वर्षा किसी वरदान से कम नहीं होती।

लेकिन इस बार दिसंबर में वर्षा हो ही नहीं रही है।

नए साल से पहले दिल्ली में वर्षा के आसार

नववर्ष में ही वर्षा होने का पूर्वानुमान है। उन्होंने बताया कि जिन इलाकों में

भूजल गुणवत्ता अच्छी नहीं होती है, वहां भी बरसात का पानी फसलों के

लिए लाभप्रद होता है। जबकि इस बार मौसम की मेहरबानी फसलों पर हो ही नहीं रही है।

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