
अब भारत में सुनोबॉय व अन्य एंटी सबमरीन वॉरफेयर सिस्टम निर्मित किए जाएंगे।
आत्मनिर्भर भारत व मेक इन इंडिया के तहत ये सिस्टम भारत में बनाए जा रहे है।
ये पहला मौका है जब भारत में कोई प्राइवेट कंपनी नौसेना को सुनोबॉय उपलब्ध
कराएगी। सुनोबॉय एक बेहद मॉडर्न व अत्याधुनिक डिवाइस होती है। ये समुद्र के
नीचे दुश्मन की पनडुब्बियों को डिटेक्ट करने में मदद करती है।भारत की समुद्री
सुरक्षा को बढ़ाने के लिए अडानी डिफेंस और एयरोस्पेस ने 18 मई को अमेरिकी
कंपनी स्पारटन के साथ साझेदारी की है। स्पार्टन मूल रूप से एल्बिट सिस्टम्स ग्रुप
की कंपनी है। अब स्पार्टन भारत में अडानी डिफेंस और एयरोस्पेस की मदद करेगी।
Gautam Adani की कंपनी ने की बड़ी डील
दोनों कंपनियां मिलकर एंटी सबमरिन वारफेयर सिस्टम्स को असेंबल करने में
साझेदारी से काम करेंगी।जानकारी के मुताबिक अब भारत में सुनोबॉय व अन्य
एंटी सबमरीन वॉरफेयर सिस्टम निर्मित किए जाएंगे। आत्मनिर्भर भारत व मेक
इन इंडिया के तहत ये सिस्टम भारत में बनाए जा रहे है। ये पहला मौका है जब भारत
में कोई प्राइवेट कंपनी नौसेना को सुनोबॉय उपलब्ध कराएगी। बता दें कि सुनोबॉय
एक बेहद मॉडर्न व अत्याधुनिक डिवाइस होती है। ये समुद्र के नीचे दुश्मन की पनडुब्बियों
को डिटेक्ट करने में मदद करती है। इसके अलावा ये लोकेट व ट्रैक करने में भी बहुत
सहायक साबित होती है। भारतीय नौ सेना की अंडर सी डोमेन अवेयरनेस क्षमताओं को
बढ़ाने में ये सिस्टम बेहद सहायक होता है। इस सिस्टम के जरिए नौसेना की सुरक्षा,
गश्त व कैरियर स्ट्राइक ग्रुप्स की रक्षा की जाती है। भारत अब तक इस तकनीक तो
विदेश से मंगवाता था ऐसे में भारत की निर्भरत विदेशी कंपनियों पर अधिक रहती थी।
वहीं अब अडानी डिफेंस इस तकनीक को देश में ही तैयार कर मेड इन इंडिया को भी
मजबूती दे रही है। बता दें कि भारतीय नौसेना और स्पार्टन पहले से भी साथ में काम
कर रहे है। वहीं अडानी डिफेंस के साथ स्पार्टन की नई साझेदारी के जरिए मेड इन
इंडिया को मजबूती मिलेगी। डिफेंस तकनीक में भी आत्मनिर्भरता अधिक होगी।