
सश्रम कारावास व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।किशोरी को बरामद करके चिकित्सीय
परीक्षण व मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया और विवेचना में दुष्कर्म की पुष्टि
होने पर आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की अपहरण और दुष्कर्म के अलावा
पॉक्सो अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
Gonda में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के दोषी
विशेष लोक अभियोजक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश
(पॉक्सो अधिनियम) राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने सुनवाई पूरी करने के बाद
आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष सश्रम कारावास व 30 हजार रुपये अर्थदंड
की सजा सुनाई। उन्होंने बताया कि जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को
अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। घटना के बारे में सिंह ने बताया कि जिले के थाना
कोतवाली नगर में वर्ष 2019 में हरि नंदन गुप्ता उर्फ नंदन (25) द्वारा एक 16 वर्षीय
नाबालिग बालिका को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का अभियोग दर्ज कराया गया
था। उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी ने किशोरी को बरामद करके चिकित्सीय
परीक्षण व मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया और विवेचना में दुष्कर्म की पुष्टि
होने पर आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की अपहरण और दुष्कर्म के अलावा
पॉक्सो अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
सिंह ने बताया कि विवेचना पूरी होने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया
और शुक्रवार को सुनवाई पूरी होने के बाद उसे सजा सुनाई गयी।