सनकरा गांव में आयोजित पंचायत में प्रमुख राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ वारसी ने कहा
कि केंद्र सरकार को बिना ट्रक ड्राइवरों की सहमति के कानून नहीं बनाना चाहिए।
दुर्घटना से मृत्यु पर 10 लाख का जुर्माना और सात साल
की सजा का कानून गलत है। ट्रक ड्राइवर किसान मजदूर के बेटे हैं।
नए कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरे ट्रक ड्राइवर
ऊपर से बीच-बीच में डरावने कानून बनाकर भय का माहौल पैदा किया जा रहा है।
केंद्र सरकार को किसान मजदूर के कर्ज माफ करने चाहिए ।
राजस्थान में जो 450 रुपये सिलेंडर की घोषणा की है, वह उत्तर प्रदेश में भी की जाए।
इसको लेकर जल्द किसान मजदूर एक प्लेटफार्म पर आकर बड़ा आंदोलन करेंगे ।
जिले में झोलाछाप अस्पतालों की भरमार है। गरीबों किसानों की जिंदगी से खेला जा रहा है।
नार्मल डिलीवरी को भी बड़ा आपरेशन में बदल दिया जाता है।
फर्जी अस्पतालों के खिलाफ कार्यवाही करे अन्यथा आंदोलन किया जाएगा
स्वास्थ्य विभाग फर्जी अस्पतालों के खिलाफ कार्यवाही करे अन्यथा आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान हाजी अली, नगर अध्यक्ष मुराद खान, फैजान खान, अमन खान ,गुफरान
अली, इमरान खान ,महावीर सागर, धर्मेश कुमार, चोखेलाल ,सूरज पाल,
जाकिर अली वारसी, मोहम्मद अली जाहिद अली, हाजी शराफत, हसीब वारसी आदि मौजूद रहे।
नए कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरे ट्रक ड्राइवर
केंद्र सरकार को यह कानून वापस लेना चाहिए। किसान गरीब मजदूर अपने परिवार
का पालन पोषण इस महंगाई के दौर में मुश्किल से ही कर पा रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन भानु की पंचायत में ट्रक ड्राइवरों का समर्थन करते हुए केंद्र
सरकार से बनाए गए कानून को वापस लेने व क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे झोलाछाप
अस्पतालों पर कार्रवाई कराने की मांग की। कहा कि ट्रक ड्राइवर किसान
मजदूर के बेटे हैं, केंद्र सरकार को यह कानून वापस लेना चाहिए।
