
अंतरराष्ट्रीय फेरन दिवस पर स्थानीय लोग तरह तरह के फेरन पहने हुए और कांगड़ी को साथ लिये
हुए थे जिससे एक अलग ही छटा उभर कर आ रही थी। स्थानीय लोग पारंपरिक रंगीन फेरन पहने
हुए थे। इस दौरान पर्यटक उनके फोटो खींचते और वीडियो बनाते देखे गये। हम आपको बता दें कि
फेरन कंधे से लेकर पांव के नीचे तक का लंबा परिधान होता है जोकि कश्मीर में कड़ाके की ठंड से
बचाता है। फेरन कश्मीरी संस्कृति का ऐतिहासिक हिस्सा है और स्थानीय लोगों ने डिजाइन के
थोड़े-बहुत बदलाव के अलावा इस परिधान में अब तक कोई बहुत बड़ा बदलाव नहीं किया है।
फेरन की खास बात यह है कि इसे सभी धर्मों के लोग पहनते हैं।इस दौरान प्रभासाक्षी से बात
करते हुए ऑल इंडिया मोदी फैन्स एसोसिएशन के चेयरमैन जमाल बुडगामी ने कहा कि पिछले
साल की तरह आज भी हमने मोदी जी को फेरन पहनाया। हम चाहते हैं कि फेरन अंतरराष्ट्रीय
स्तर पर मशहूर हो। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि देश के लोग हमारे फेरन को पसंद करते हैं।
उन्होंने कहा कि मैं देशवासियों से फेरन को मशहूर बनाने का अनुरोध करता हूं। इस दौरान एक
अन्य व्यक्ति ने कश्मीर को भारत में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद
दिया और प्रधानमंत्री मोदी को अंतरराष्ट्रीय फेरन दिवस की बधाई दी।