
LAC से पीछे हटी दोनों देश की सेना अब शुरू होगी पेट्रोलिंग
प्रोटोकॉल की समीक्षा और संरेखन के लिए प्रतिदिन एक या दो बार निर्देशित बिंदु पर बैठके भी कर रहे हैं।
इससे जुड़ा हुआ बड़ा अपडेट जयशंकर के बयान के जरिए आया था। जिसमें 27 अक्टूबर को उन्होंने कहा
था कि भारत और चीन जल्द ही लद्दाख की वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त फिर से शुरू करेंगे, जो अप्रैल
2020 में सीमा गतिरोध शुरू होने के पहले की व्यवस्था को बहाल करेगा। जयशंकर ने पुणे में एक कार्यक्रम
में कहा था कि सैनिकों के पीछे हटने का) 21 अक्टूबर को जो समझौता हुआ, उसके तहत देपसांग और
डेमचोक में गश्त की जाएगी। इससे अब हम अगले कदम पर विचार कर सकेंगे। ऐसा नहीं है कि सबकुछ
हल हो गया है, लेकिन सैनिकों के पीछे हटने का पहला चरण है और हम उस स्तर तक पहुंचने में सफल
रहे हैं।अप्रैल 2020 से पहले जब पट्रोलिंग होती थी, तब ऐसा नहीं होता था। इसलिए तब फेसऑफ भी
होते थे। अब फेसऑफ से बचने के लिए यह किया गया है। पट्रोलिंग पर कितने सैनिक जाएंगे, इस
सवाल पर सूत्रों ने बताया कि आम तौर पर 10 से 25 सैनिक जाते हैं। जब पट्रोलिंग ज्यादा दूरी की
होती है तो करीब 25 सैनिक होते हैं और जब कम दूरी की होती है तो 10 से 15 सैनिक उसमें होते हैं।
दोनों देशों के सैनिक उन सभी जगहों पर पट्रोलिंग कर सकेंगे जहां अप्रैल 2020 से पहले करते रहे हैं।
इसके साथ ही देपसांग और डेमचॉक में अप्रैल 2020 से पहले वाली स्थिति की बहाली हो जाएगी।