Maharashtra के पुणे में संदिग्ध बीमारी से मचा हाहाकार

Maharashtra के पुणे में संदिग्ध बीमारी से मचा हाहाकार
Maharashtra के पुणे में संदिग्ध बीमारी से मचा हाहाकार
सोलापुर में सामने आए मामले के अलावा महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग की ओर
से पुणे, पिंपरी चिंचवाड, पुणे ग्रामीण और आसपास के अन्य जिलों में
गिलियन-बैरे सिंड्रोम के 18 संदिग्ध पाए गए है। वहीं इस बीमारी के अबतक
कुल 100 संदिग्ध सामने आ चुके है।महाराष्ट्र के पुणे में इन दिनों एक दुर्लभ
बीमारी फैल गई है। पुणे में दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल फैली है, जिसके फैलने से
लोगों में हड़कंप मच गया है। गिलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) बीमारी के
मामले पुणे और उसके आसपास के शहरों में फैल रहे है। इस बीमारी के
मामलों में इजाफा हो रहा है। अबतक इस गिलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस)
के मामले 100 का आंकड़ा पार कर चुके है। इस बीमारी के कारण सोलापुर
में एक संदिग्ध की मौत हो गई है।पुणे के स्वास्थ्य अधिकारियों ने मीडिया
को बताया कि इस सिंड्रोम के एक व्यक्ति की मौत हुई है जो सोलापुर में था।
ये बीमारी तंत्रिका संबंधी विकार ‘गिलियन-बैरे सिंड्रोम’ है, जिसके लक्षण
मृतक में दिखे थे। इस बीमारी का ये संदिग्ध था। मृतक पुणे में संक्रमित हुआ
और बाद में वो सोलापुर पहुंचा था।जानकारी के मुताबिक सोलापुर में सामने
आए मामले के अलावा महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुणे, पिंपरी
चिंचवाड, पुणे ग्रामीण और आसपास के अन्य जिलों में गिलियन-बैरे सिंड्रोम
के 18 संदिग्ध पाए गए है। वहीं इस बीमारी के अबतक कुल 100 संदिग्ध सामने
आ चुके है। इनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें से 16
मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर है।

Maharashtra के पुणे में संदिग्ध बीमारी से मचा हाहाकार

जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में सामने आया कि

101 मरीजों में से 19 मरीज नौ वर्ष से कम उम्र के है। 15 मरीज 10-19 वर्ष, 20

मरीज 20-29 वर्ष, 13 मरीज 30-39 वर्ष, 12 मरीज 40-49 वर्ष, 13 मरीज

50-59 वर्ष, आठ मरीज 60-69 वर्ष और एक मरीज 70-80 वर्ष की आयु के

है। वहीं इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए स्थानीय विभाग पुणे के कई

इलाकों से पानी के सैंपल इकट्ठा कर रहा है और इन्हें टेस्ट के लिए भेज रहा है।

इन सैंपल को आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में भेजा

गया है, जहां इनकी जांच में डेंगू, जीका और चिकनगुनिया के लिए नकारात्मक

रिजल्ट आए है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जीबीएस की स्थिति में शरीर की

प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला होता है। ये कमजोरी, सुन्नता और पक्षाघात के

कारण होती है। हाथ, पैर में कमजोरी और झुनझुनी इसके शुरुआती लक्षण होते

है। इस बीमारी के होने के सटीक कारण सामने नहीं आए है।इस बीमारी को

लेकर स्वास्थ्य विभाग भी सलाह जारी कर चुका है। इसके अनुसार सहायक

चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है जो प्राइवेट अस्पतालों की स्थिति

पर नजर रखेंगे। मरीजों और उनके परिजनों की जरुरतों को देखते हुए उनकी

सहायता करेंगे।इसी बीच डिप्टी सीएम अजित पवार ने गिलियन-बैरे सिंड्रोम

के बढ़ते मामलों को देखते हुए ऐलान किया है कि इस संक्रमण से पीड़ितों का

इलाज मुफ्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से पीड़ितों का मुफ्त

इलाज होगा। मरीजों को दवाएं मुहैया कराने का फैसला सरकार कर चुकी है। 

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