
Mumbai Police ने कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज किए मामले
राहत देते हुए न्यायमूर्ति सुंदर मोहन ने कहा, “यह अदालत 7 अप्रैल तक अग्रिम जमानत देने के लिए
इच्छुक है। उसे वनूर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत की संतुष्टि के लिए एक बांड निष्पादित करना होगा।
” न्यायाधीश ने यह भी कहा कि कामरा ने पर्याप्त रूप से समझाया था कि वह तुरंत महाराष्ट्र की अदालत
का दरवाजा क्यों नहीं खटखटा सकता।कामरा के वकील वी. सुरेश ने अदालत को बताया कि उनके
खिलाफ आरोप उनके स्टैंड-अप कॉमेडी शो, नया भारत के दौरान की गई टिप्पणियों से उपजे हैं।
उन्होंने तर्क दिया कि आरोपों के लिए हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है और सुरक्षा
चिंताओं के कारण कामरा महाराष्ट्र में अग्रिम जमानत लेने में असमर्थ रहे हैं।कॉमेडियन के वकील
ने यह भी दावा किया कि कामरा को सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों और महाराष्ट्र के मंत्रियों से धमकियाँ
मिली थीं। उनके मुंबई स्थित वकील अश्विन थूल मुंबई से वर्चुअली सुनवाई में शामिल हुए। हालांकि
एफआईआर खार में दर्ज की गई थी, लेकिन कामरा ने मद्रास उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया
क्योंकि वह वर्तमान में उसी के अधिकार क्षेत्र में रहता है। उनके वकील ने मुंबई पुलिस द्वारा उनकी
गिरफ्तारी की स्थिति में “वास्तविक शारीरिक नुकसान और उनके जीवन और स्वतंत्रता के लिए
खतरे” के बारे में उनकी आशंकाओं पर जोर दिया, जो राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा
सार्वजनिक रूप से दी गई धमकी है।