
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस के निदेशक और मुख्य परिचालन
अधिकारी डॉ. भवतोष मिश्रा ने कहा, “हम आपको सूचित करना चाहते हैं
कि मैक्स हॉस्पिटल्स में हमारी कैशलेस सेवाएँ फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं।
वैसे तो भारत का स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है
लेकिन सामने आए एक घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है
कि बीमा कंपनियों और अस्पतालों के बीच समझौते की खींचतान का सबसे बड़ा
खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ता है।
हम आपको बता दें कि 16 अगस्त 2025 से निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस ने देशभर
के सभी मैक्स हॉस्पिटल्स में कैशलेस इलाज की सुविधा निलंबित कर दी है।
यह कदम तब उठाया गया जब दोनों पक्ष टैरिफ
संशोधन पर सहमति नहीं बना पाए।
Niva Bupa ने Max Hospitals में Cashless Treatment सुविधा बंद की, मरीजों को इलाज से पहले जेब से भरना होगा
कंपनी की ओर से कहा गया कि यह केवल “प्रशासनिक और प्रक्रिया
संबंधी चुनौतियों” के कारण हुआ, जबकि मैक्स हेल्थकेयर का आरोप है
कि निवा बूपा लगातार दाम घटाने का दबाव बना रहा था
जबकि वर्तमान दरें पहले से ही 2022 स्तर पर थीं।
हम आपको बता दें कि 1 सितंबर 2025 को निवा बूपा ने अपनी वेबसाइट
से मैक्स हॉस्पिटल्स को नेटवर्क हॉस्पिटल्स की सूची से हटा दिया है
लेकिन पॉलिसीधारकों को इसकी कोई आधिकारिक जानकारी
न तो वेबसाइट पर दी गई और न ही सोशल मीडिया पर।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस के निदेशक
और मुख्य परिचालन अधिकारी डॉ. भवतोष मिश्रा ने कहा
“हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि मैक्स हॉस्पिटल्स में हमारी कैशलेस
सेवाएँ फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं। हमारा मैक्स के साथ
अनुबंध मई 2025 में समाप्त हो गया था।
टैरिफ संशोधन पर चर्चा जारी रही, लेकिन सहमति नहीं बन पाई।
नतीजतन, कैशलेस सेवाएँ अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं।
डॉ. भवतोष मिश्रा के अनुसार, स्टार हेल्थ और केयर हेल्थ की भी
विभिन्न कारणों से मैक्स हॉस्पिटल्स में कैशलेस सुविधा उपलब्ध नहीं है।