
ओडिशा के पुरी में आग से झुलसी 15 वर्षीय लड़की की दिल्ली एम्स में मौत हो गई है
जिससे एक गहरा रहस्य पैदा हो गया है।
जहां पुलिस किसी और की संलिप्तता से इनकार कर रही है
वहीं मां ने अपहरण और जलाए जाने का आरोप लगाया है,
जबकि पिता इसे अवसाद से आत्महत्या बता रहे हैं,
जिससे यह घटना एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है।
ओडिशा के पुरी जिले में कुछ दिनों पहले आग के हवाले की गई 15 वर्षीय
लडकी की दिल्ली एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई।
इस खबर की पुष्टि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को की।
इस बीच, इस मामले पर पुलिस के हालिया बयान ने कई सवाल खडे कर दिए हैं।
पुलिस ने कहा है कि उनकी गहन जांच में किसी और की संलिप्तता नहीं मिली है
जबकि लडकी की मां का आरोप है कि उनकी बेटी का अपहरण कर उसे जलाया गया था।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया।
Odisha Girl Set on Fire । दिल्ली एम्स में लड़की ने तोड़ा दम, पुलिस बोली ‘कोई संलिप्त नहीं’, तो किसने जलाया?
उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘बलंगा घटना में पीडिता की मौत की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ है।
सरकार और एम्स दिल्ली की विशेषज्ञ चिकित्सा टीम के चौबीसों घंटे किए गए
प्रयासों के बावजूद, उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
यह भयावह घटना 19 जुलाई को भार्गवी नदी के तट पर हुई थी।
लडकी दो हफ्तों से अधिक समय तक जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही थी।
वह 75% तक जल चुकी थी।
पहले उसका इलाज एक स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में हुआ
फिर उसे एम्स भुवनेश्वर रेफर किया गया। 20 जुलाई को
उसे बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर दिल्ली एम्स ले जाया गया
जहां उसकी मृत्यु से पहले कई सर्जरी और त्वचा प्रत्यारोपण किए गए।