
ईरान पर इजरायल के हमले देख पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। पाकिस्तान के नेताओं
ने संसद में खड़े होकर बयान देने शुरू कर दिए हैं कि ईरान के बाद हमारा नंबर है। पाकिस्तान
को लग रहा है कि इजरायल अब भारत के साथ मिलकर हमें भी खत्म करना चाहता है।
पाकिस्तान के एक बड़े नेता ने संसद में खड़े होकर ये बयान दिया है। पाकिस्तान के नेता
असद कासिर ने कहा है कि इजरायल ने ऑपरेशन सिंदूर में भारत को ड्रोन दिए। भारत की
जमकर मदद की और अब इजरायल ईरान को खत्म करने के बाद पाकिस्तान को मिटाना
चाहता है। दरअसल, असर कासिर और 25 करोड़ पाकिस्तानियों को इजरायल के प्रधानमंत्री
बेंजामिन नेतन्याहू के उस बयान ने हिलाकर रख दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हमारा
मिशन है कि कट्टर इस्लामिक देशों के हाथों में न्यूक्लियर हथियार नहीं लगने चाहिए। नेतन्याहू
ने कहा था कि पहला कट्टर देश ईरान है और दूसरा पाकिस्तान। लेकिन तमाम बयानबाजी के बीच
ईरान ने ऐसा कुछ कह दिया है कि अब तो इजरायल का अगला टारगेट पाकिस्तान बनना तय है।
Pakistan के परमाणु ठिकानों को मिसाइल से तबाह करेगा इजरायल
पाकिस्तानी सांसद असद कासिर का देश की संसद में हाल ही में दिया गया एक बयान वायरल हो
गया है, जिसमें राजनेता ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान इजरायल की सूची में अगला हो सकता है,
और भारत और इजरायल के बीच सैन्य सहयोग इस्लामाबाद के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
पाकिस्तान की संसद के निचले सदन- नेशनल असेंबली में बोलते हुए- असद कैसर ने भारत-
इजरायल सैन्य संबंधों के कारण इस्लामाबाद के सामने आने वाले खतरे को चिह्नित किया,
और यह भी चेतावनी दी कि इजरायल पाकिस्तान पर हमला भी कर सकता है क्योंकि देश ईरान
के साथ 1200 किमी की सीमा साझा करता है। हाल ही में भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान,
भारतीय सेना द्वारा इस्तेमाल किए गए अधिकांश ड्रोन और गोला-बारूद इजरायल निर्मित थे।
उन्होंने कहा कि अल्लाह रहम करे, ईरान के बाद, इसका (इजरायल का) अगला लक्ष्य पाकिस्तान
हो सकता है। सांसद ने पाकिस्तान सरकार से इजरायल के साथ युद्ध में ईरान का साथ देने का भी
आग्रह किया। इज़रायली पत्रकार डाना वीस के साथ साक्षात्कार में पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से
जब पूछा गयाकि अगली पीढ़ी के सामने सबसे बड़ी समस्या क्या है और इसे हल करने के लिए
हमें आज क्याकरना चाहिए? जवाब में नेतन्याहू ने कहा कि हमारा सबसे बड़ा मिशन उन
उग्रवादी इस्लामीशासकों को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। पहला ईरान और दूसरा
पाकिस्तान है। अगरइन कट्टरपंथी शासनों के पास परमाणु हथियार हैं, तो वे उन नियमों का
पालन नहीं करेंगे जिनकापालन पिछले लगभग सात दशकों में किया गया है। और वे हमारी
दुनिया को खतरे में डाल सकतेहैं। इसलिए पहली बात यह है कि उन्हें परमाणु हथियार प्राप्त
करने से रोकना है। यह मिशन नंबरएक है और मिशन नंबर दो तेल का विकल्प खोजना है।