Pakistan ने आर्मी चीफ के बयान पर उठाए थे सवाल
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि रक्षा मंत्री ने जो बात कही और हमारे पड़ोसी
मुल्क से जो रिश्ते हैं उसमें हमें कोई दुविधा नहीं होनी चाहिए कि वहां से फैलता हुआ आतंकवाद हमारे
यहां आता है। या फिर वो कहीं और जाता है। ये पूरी दुनिया के लिए एक खतरा का रूप है। विदेश
मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम एक बार फिर से आह्नान करेंगे की वहां की सरकार क्रॉस बॉर्डर
टेररिज्म को बंद करे।पाकिस्तान ने भारतीय रक्षा मंत्री और सेना अध्यक्ष के बयान को भ्रामक
बताया है।
पाकिस्तान की तरफ से बयान की आलोचना करते हुए कहा है कि ये दर्शाता है कि
भारतीय सेना का राजनीतिकरण हो चुका है। प्रभासाक्षी के इस सवाल पर विदेश मंत्रालय के
प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि रक्षा मंत्री ने जो बात कही और हमारे पड़ोसी मुल्क से
जो रिश्ते हैं उसमें हमें कोई दुविधा नहीं होनी चाहिए कि वहां से फैलता हुआ आतंकवाद हमारे
यहां आता है। या फिर वो कहीं और जाता है। ये पूरी दुनिया के लिए एक खतरा का रूप है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम एक बार फिर से आह्नान करेंगे की वहां की
सरकार क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म को बंद करे।
बता दें कि आर्मी चीफ की तरफ से एलएसी से लेकर एलओसी तक देश को दुश्मनों को कड़ा संदेश
दिया गया। लेकिन आर्मी चीफ के बयान के बाद पाकिस्तान तिलमिलाता नजर आ रहा है।
पाकिस्तान को आतंकवाद का केंद्र बताए जाने के बाद पाकिस्तानी सेना ने एक बयान जारी
किया है। पाकिस्तानी सेना और विदेश कार्यालय ने भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी
के उस बयान को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस्लामाबाद अपने पड़ोस में
आतंकवाद का इंजन है, यह अत्यधिक दोहरेपन का क्लासिक मामला है।पाकिस्तान में
गैर-मौजूद आतंकवादी ढांचे की कल्पना करने के बजाय आत्म-भ्रम में न पड़ना और जमीनी
हकीकत की सराहना करना बुद्धिमानी होगा। वहीं, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि
भारतीय नेतृत्व की ऐसी बयानबाजी जम्मू-कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों से
अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान नहीं भटका सकती।