Prajatantra: 2024 में चुनावी पिच पर किसका चलेगा दांव, क्या ‘हैट्रिक’ लगा पाएगी मोदी सरकार?

हैट्रिक’ लगा पाएगी मोदी सरकार?

आम चुनाव में पीएम मोदी का फिर से दिखेगा दम या इंडिया गठबंधन को हासिल होगी कामयाबी?
अरुणाचल-सिक्किम में क्या होगा? क्या ओडिशा में अपना जलवा बरकरार रख पाएंगे नवीन पटनायक?
आंध्र प्रदेश चुनाव में किसकी होगी जीत? महाराष्ट्र और हरियाणा में क्या चुनौतियों को
पार कर पाएगी भाजपा? जम्मू-कश्मीर में हो पाएंगे चुनाव? 2024 के शुरुआत
के साथ ही राजनीति को लेकर यह वैसे सवाल है जिसका जवाब पूरे साल ढूंढने की कोशिश होगी
और इन सवालों का जवाब भी धीरे-धीरे मिलता ही जाएगा। भारत लोकतांत्रिक देश है
और लोकतंत्र में चुनाव का बेहद महत्वपूर्ण स्थान होता है। इस साल देश में आम चुनाव होने ही है।
साथ ही साथ छह राज्यों में भी विधानसभा के चुनाव भी होंगे। आम चुनाव में क्या होगा

2024 में चुनावी पिच पर किसका चलेगा दांव

2024 में देश में आम चुनाव होने हैं। अप्रैल और मई में इसके लिए वोट डाले जाएंगे

जबकि मई के तीसरे या चौथे सप्ताह में इसके नतीजे भी आ जाएंगे। आम चुनाव में

मुख्य मुकाबला भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए और 28 विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया के बीच हो सकता है।

भाजपा एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आम चुनाव में हैट्रिक

लगाने को लेकर उत्साहित है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह बार-बार कह चुके हैं

कि 2024 में एक बार फिर से उनकी सरकार लौट कर आएगी। दूसरी ओर

इंडिया गठबंधन का दावा है कि मोदी सरकार देश की लोकतांत्रिक और

संवैधानिक ढांचे को कमजोर कर रही है। देश की जनता में निराशा है।

इसलिए 28 राजनीतिक दलों को उम्मीद है कि

वह एक साथ मिलकर मोदी को चुनाव हारने में कामयाब होंगे।

आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव

आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ वाईएसआर

कांग्रेस और चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी के बीच टकराव होने वाला है। जन सेना

पार्टी के अध्यक्ष पवन कल्याण के टीडीपी के साथ मिलकर आगामी चुनाव लड़ने

के फैसले से पार्टी को बढ़ावा मिला है, जो चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी और

उनके खिलाफ कई भ्रष्टाचार के मामले दर्ज होने से नाराज थी। राज्य ने 2019 में

जगन रेड्डी द्वारा चुनाव से पहले 3,648 किलोमीटर की पदयात्रा करने के बाद

वाईएसआरसीपी को सत्ता में चुना था। 2019 के चुनावों में, YSRCP ने

175 में से 151 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया,

जबकि तेलुगु देशम पार्टी को 23 सीटें मिलीं।

इस बाद राज्य में भाजपा और कांग्रेस भी अपनी ताकत लगाएगी।

2024 में चुनावी पिच पर किसका चलेगा दांव

2014 के बाद से, भाजपा की सबसे बड़ी चुनावी उपलब्धियों में से एक उत्तर पूर्वी राज्यों में उसका बढ़ता प्रभाव रहा है।

2014 में बमुश्किल कोई उपस्थिति होने से लेकर उत्तर पूर्व में तीन राज्यों पर

अकेले शासन करना इसके जुड़ाव का उदाहरण है। अरुणाचल प्रदेश में,

भाजपा को कांग्रेस, नेशनलिस्ट पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) से कड़ी परीक्षा का

सामना करना पड़ेगा, जो पहले ही अपने पहले उम्मीदवार की घोषणा कर चुकी है,

और पहली बार आम आदमी पार्टी भी चुनाव लड़ रही है। 2019 के चुनाव में,

भाजपा ने राज्य विधानसभा की 60 सीटों में से 41 सीटें हासिल कीं,

उसके बाद जेडीयू को 7 और कांग्रेस को 4 सीटें मिलीं।

सिक्किम विधानसभा चुनाव

हिमालयी राज्य में ज्यादातर सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के पूर्व सीएम पवन कुमार चामलिंग

और सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) के प्रमुख और मौजूदा

सीएम प्रेम सिंह तमांग के बीच द्विध्रुवीय मुकाबला देखा गया है।

पार्टी द्वारा 2019 का चुनाव मामूली अंतर से जीतने के बाद 2024 के चुनावों

में चामलिंग एसकेएम से राज्य छीनने की कोशिश करेंगे। पिछले चुनाव में

32 सदस्यीय विधानसभा में एसकेएम ने 17 सीटें जीती थीं जबकि एसडीएफ को 15 सीटें मिली थीं।

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