
Robert Vadra ने दी प्रतिक्रिया
जहां तक प्रियंका गांधी वाड्रा की बात है तो इसमें कोई दो राय नहीं कि उनके चुनावी राजनीति में
पदार्पण के साथ ही भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। दरअसल, पिछले
दस सालों में यह देखने को मिला है कि संसद के भीतर और बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला
करने में राहुल गांधी सफल नहीं हो पाये। वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनावों के दौरान मोदी के हर वार
पर शानदार तरीके से पलटवार किया है। हालिया चुनावों में भी प्रधानमंत्री मोदी के “सोने और
मंगलसूत्र” तथा अन्य बयानों पर पलटवार के अलावा प्रियंका ने मतदाताओं को याद दिलाया था
कि कैसे उनके परिवार ने देश के लिए कुर्बानी दी। इसके अलावा उनके अधिकांश भाषण भीड़ से संवाद
करने जैसे होते हैं जोकि जनता से जुड़ाव स्थापित करते हैं। बहरहाल, संसद में मोदी-राहुल की
राजनीतिक भिड़ंत तो लोग कई बार देख चुके हैं इसलिए सबकी नजरें मोदी-प्रियंका के बीच होने
वाले राजनीतिक मुकाबले पर टिकी रहेंगी। राहुल गांधी को तो विश्वास भी है कि उनकी बहन मोदी
को हरा सकती हैं। हाल ही में उन्होंने कहा भी था कि यदि प्रियंका वाराणसी से लड़ जातीं तो
प्रधानमंत्री दो-तीन लाख वोटों से हार जाते।