Russia ने हमलों में अमेरिका निर्मित मिसाइलों के इस्तेमाल

Russia ने हमलों में अमेरिका निर्मित मिसाइलों के इस्तेमाल
Russia ने हमलों में अमेरिका निर्मित मिसाइलों के इस्तेमाल
रूस के कब्जे वाले क्रीमिया पर यूक्रेन के हमले में अमेरिका निर्मित मिसाइलों के इस्तेमाल
को लेकर रूसी विदेश मंत्रालय ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए यहां अमेरिकी राजदूत को
तलब किया। इस हमले में चार लोगों की मौत हो गई और 150 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
मास्को । रूस के कब्जे वाले क्रीमिया पर यूक्रेन के हमले में अमेरिका निर्मित मिसाइलों के
इस्तेमाल को लेकर रूसी विदेश मंत्रालय ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए सोमवार को
यहां अमेरिकी राजदूत को तलब किया। इस हमले में चार लोगों की मौत हो गई और 150
से अधिक लोग घायल हुए हैं। रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अमेरिका,
यूक्रेन के युद्ध में ‘‘प्रभावी रूप से एक पक्ष बन गया है’’ और ‘‘निश्चित रूप से जवाबी कार्रवाई
की जाएगी।’’ क्रीमिया पर रूस ने 2014 में कब्जा कर लिया था। रूसी अधिकारियों ने कहा
कि रविवार के हमले में मारे गए लोगों में दो बच्चे भी शामिल थे, जो क्रीमिया के बंदरगाह
शहर सेवस्तोपोल के तटीय क्षेत्र में यूक्रेन द्वारा दागी गईं मिसाइलों के मलबे की चपेट में
आ गए।

Russia ने हमलों में अमेरिका निर्मित मिसाइलों के इस्तेमाल

रूसी अधिकारियों ने कहा कि हमलों में क्लस्टर हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया जिसके

बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि लड़ाकों की तुलना में आम नागरिकों को इससे ज्यादा नुकसान

होता है। रूस ने कहा कि ये मिसाइलें अमेरिका में बनी एटीएसीएमएस थीं, जो लंबी दूरी की

निर्देशित मिसाइल है। रूस ने अमेरिकी राजदूत लिन ट्रेसी को विदेश मंत्रालय में तलब किया।

विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि ‘‘रूसी क्षेत्र में हमले को अनदेखा नहीं किया जाएगा।’’ संबंधित

घटनाक्रम पर फिलहाल यूक्रेन और अमेरिकी अधिकारियों की प्रतिक्रिया अभी नहीं आई है। रूस

के आक्रमण के बाद से यूक्रेन की सेना पश्चिमी देशों से मिलने वाले हथियारों पर काफी हद तक

निर्भर रही है। हालांकि, कुछ पश्चिमी देश रूस की नाराजगी के कारण यूक्रेन की सेना को और

ज्यादा तथा परिष्कृत हथियार सहायता प्रदान करने में हिचकिचा रहे हैं। इस बीच, रूसी रक्षा

मंत्रालय ने सोमवार को यूक्रेनी सेना के एक ‘‘प्रमुख सैन्य ठिकाने’’ को निशाना बनाने की

सूचना दी, जिसमें पश्चिमी देशों द्वारा आपूर्ति की गई मिसाइलें और अन्य हथियार रखे हुए थे।

मंत्रालय ने कहा कि यह हमला लड़ाकू विमानों, ड्रोन, जमीन से दागी जाने वाली मिसाइलों और

तोपखाने द्वारा किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »