
Shophian Case सुलझा कर Pakistani साजिश का पर्दाफाश करने वाले Satish Golcha ने संभाली Delhi Police
गोलचा के प्रोफेशनल कॅरियर पर नज़र डालें तो यह स्पष्ट होता है
कि उन्हें कठिन परिस्थितियों में काम करने का भरपूर अनुभव है।
दिल्ली पुलिस में वह कानून-व्यवस्था के विशेष पुलिस आयुक्त और अपराध शाखा के प्रमुख रहे हैं।
अरुणाचल प्रदेश के डीजीपी के रूप में उन्होंने सीमावर्ती प्रदेश में सुरक्षा
और पुलिसिंग की चुनौती को भी संभाला।
सीबीआई में रहते हुए उन्होंने कई संवेदनशील और हाई
प्रोफ़ाइल मामलों की जांच की जिनमें रुचिका छेड़छाड़ मामला, 1984 सिख विरोधी दंगा
मामला और रिज़वान-उर-रहमान हत्या प्रकरण शामिल हैं।
उन्हें उनके सख्त रुख और 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान
निर्णायक नेतृत्व के लिए जाना जाता है
जब वह कानून-व्यवस्था के विशेष पुलिस आयुक्त के तौर पर तैनात थे।
गोलचा फिलहाल मंडोली और रोहिणी जेलों के महानिदेशक के रूप में कार्यरत थे।
सतीश गोलचा की छवि तब बेहद मजबूत हुई थी
जब उन्होंने 2009 के शोपियां बलात्कार और हत्या कांड मामले की जांच की थी।
हम आपको याद दिला दें कि शुरुआत में इसे सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप की तरह प्रस्तुत किया गया था
और घाटी में हिंसक विरोध-प्रदर्शन भड़क उठे थे।
उस समय 47 दिनों तक घाटी की शांति बाधित रही थी। लेकिन सीबीआई की 12 सदस्यीय
टीम का नेतृत्व करते हुए गोलचा ने कठोर दबाव
और राजनीतिक हस्तक्षेप के बावजूद सच को सामने लाने का साहसिक काम किया था।
फॉरेंसिक सबूतों से यह साबित हुआ था
कि मामला बलात्कार या हत्या का नहीं बल्कि दुर्घटनावश डूबने का था।