
अजय देवगन अपनी हिट फ्रेंचाइज़ी सन ऑफ सरदार के सीक्वल
में फिर जसविंदर “जस्सी” सिंह रंधावा बनकर लौटे हैं।
इस बार निर्देशक विजय कुमार अरोड़ा ने लंदन की पृष्ठभूमि में हंसी
इमोशन और देसी कल्चर का मिक्स तैयार किया है। कहानी सीधी है
लेकिन पेशकश रंगीन और मज़ेदार।
अजय देवगन अपनी हिट फ्रेंचाइज़ी सन ऑफ सरदार के सीक्वल में फिर जसविंदर
“जस्सी” सिंह रंधावा बनकर लौटे हैं।
इस बार निर्देशक विजय कुमार अरोड़ा ने लंदन की पृष्ठभूमि में हंसी
इमोशन और देसी कल्चर का मिक्स तैयार किया है।
Son of Sardaar 2 Movie Review: अजय देवगन के देसी स्वैग और जबरदस्त फैमिली ड्रामा का डबल डोज है
कहानी सीधी है, लेकिन पेशकश रंगीन और मज़ेदार।
फिल्म की शुरुआत होती है जस्सी के लंदन आने से, जहां वह पत्नी डिंपल
(नीरू बाजवा) को वापस पाना चाहता है। लेकिन उसे झटका तब लगता है
जब डिंपल कहती है कि वह किसी और से प्यार करती है और तलाक चाहती है।
यही से जस्सी की ज़िंदगी में नया मोड़ आता है।
जस्सी की मुलाकात होती है राबिया (मृणाल ठाकुर) से जो एक आत्मविश्वासी
पाकिस्तानी बिज़नेसवुमन जो शादी की डांस कंपनी चलाती है।
जल्द ही वह दानिश (चंकी पांडे) की पारिवारिक समस्या में फंस जाता है
जहां उसकी बेटी सबा (रोशनी वालिया) को प्यार हुआ है गोगी (साहिल मेहता) से।
समस्या यह कि गोगी के पिता राजा संधू (रवि किशन) भारतीय संस्कृति पर अड़े हैं।