
Sonia Gandhi ने राष्ट्रपति को बताया बेचारी भड़की बीजेप
नड्डा ने इसको लेकर कांग्रेस से माफी की मांग भी की। उन्होंने कहा कि मैं मांग करता हूं कि
कांग्रेस पार्टी माननीय राष्ट्रपति और भारत के आदिवासी समुदायों से बिना शर्त माफी मांगे।
उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा राष्ट्रपति को संदर्भित करने के लिए
“बेचारी” वाक्यांश का उपयोग बेहद अपमानजनक है और सर्वोच्च संवैधानिक कार्यालय की
गरिमा के लिए विपक्ष की निरंतर उपेक्षा को रेखांकित करता है। दुर्भाग्य से, यह कोई अकेली
घटना नहीं है। जब राष्ट्रपति सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाल रही थी, तो अपनी सामंती
मानसिकता से प्रेरित विपक्ष ने पिछड़े वर्गों और महिलाओं के सशक्तिकरण का मजाक उड़ाने
का फैसला किया, जो कि प्रधान मंत्री मोदी के नेतृत्व में लाया गया परिवर्तन था।आपको बता
दें कि कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के
बाद शुक्रवार को कहा कि वह अपने संबोधन के आखिर तक थक गई थीं और बहुत मुश्किल
से बोल पा रही थीं। उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘अंत तक राष्ट्रपति बहुत
थक गई थीं…वह मुश्किल से बोल पा रही थीं, बेचारी।’’ राष्ट्रपति मुर्मू ने बजट सत्र के पहले
दिन संसद के दोनों सदनों को संबोधित किया और सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया।
मुर्मू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के इस तीसरे कार्यकाल में
तीन गुना गति से काम हो रहा है तथा ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ और वक्फ (संशोधन)
विधेयक जैसे कानूनों पर तेज गति से कदम आगे बढ़ाया गया है।