
WhatsApp स्कैम रोकने की कोशिश
उनका कहना है कि ऐसे बहुत सारे मामले सामने आए हैं जब स्कैमर्स की तरफ से इंस्टेंट मैसेज
और वॉयस-ओवर-IP सर्विस प्रोवाइडर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। कंटेंट को लेकर हम तुरंत
रोक भी लगाना चाहते हैं। मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा के पास व्हाट्सऐप का स्वामित्व है। इसे
मेटा ने साल 2014 में 19 बिलियन डॉलर की डील में खरीदा था। कृष्णन का कहना है कि हम मेटा
के अधिकारियों के साथ लगातार बात कर रहे हैं। मोबाइल ऐप व्हाट्सऐप को लेकर हमने आगे
मामला भी उठाया है। कृष्णन बताते हैं कि, अगर कोई गलत कंटेंट शेयर किया जाता है तो उसका
भी एक प्रोसेस होता है। इन कंपनियों के पास ग्रीवांस ऑफिसर होने चाहिए जो इस पूरे मामले को
देखे। वह लोग ऐप में या बाहर इस मुद्दे को उठा सकते हैं। अगर ये मुद्दा सॉल्व नहीं होता है तो इसके
लिए ग्रीवांस कमेटी भी होनी चाहिए। गृह मंत्रालय के अंडर काम करने वाले 14C ने डिजिटल फ्रॉड के
मामलों की पहचान की थी और 59,000 अकाउंट्स को बैन कर दिया था।