
अमेरिका में बुधवार को एक स्कूल के पास हथियारबंद व्यक्ति की मौजूदगी
उन्होंने कहा कि घटना स्कूल के बाहर हुई। अधिकारियों ने बताया कि छात्र नाबालिग था
लेकिन उन्होंने उसकी उम्र नहीं बताई। अधिकारी यह भी नहीं बता सके कि उसने माउंट
होरेब जिले के किस स्कूल में पढ़ाई की थी। कौल ने पुलिस के कई सवालों का जवाब देने
से इनकार कर दिया। एक सवाल यह भी था कि क्या छात्र ने कोई गोलीबारी की थी।
उन्होंने यह भी नहीं बताया कि उसके पास किस प्रकार का हथियार था और क्या उसने
स्कूल के अंदर जाने की कोशिश की थी। पुलिस घटनास्थल पर देर तक रही और इस
दौरान छात्रों को स्कूल के अंदर ही रखा गया। बाद में, अभिभावकों के आने पर छात्रों को
घर जाने दिया गया। इस घटना के बाद बच्चे और उनके माता-पिता घबराए हुए थे।
अभिभावकों ने बताया कि बच्चे कक्षाओं में छिपे रहे
अभिभावकों ने बताया कि बच्चे कक्षाओं में छिपे रहे और फोन पर बातचीत करने से डर
रहे थे। अधिकारियों ने दिनभर फेसबुक पोस्ट से अपडेट जानकारी दी। सबसे पहले सुबह
11:30 बजे के आसपास बताया गया कि सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। अधिकारियों
ने बताया कि गोलीबारी में कथित हमलावर को ही नुकसान हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया
कि उन्होंने गोलियों की आवाज सुनी और दर्जनों बच्चे भागते हुए दिखाई दिए। दोपहर में
किए गए एक पोस्ट में बताया गया कि मिड्ल स्कूल में शुरुआती जांच के बाद किसी अन्य
पर संदेह नहीं है। पोस्ट में कहा गया है, हमारे पास ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है जिसमें हमलावर
के अलावा किसी अन्य को नुकसान होने का पता चलता हो। इससे पहले अधिकारियों ने
फेसबुक पोस्ट किया था कि राज्य की राजधानी मैडिसन से लगभग 40 किलोमीटर दूर एक
गांव माउंट होरेब में स्कूल भवन के बाहर खतरे को विफल कर दिया गया है। प्रत्यक्षदर्शी जीन
केलर ने कहा कि मिड्ल स्कूल से कुछ ही दूरी पर स्थित अपनी दुकान में उन्होंने पांच गोलियों की आवाजें सुनीं।
अमेरिका में स्कूल के पास हथियारबंद व्यक्ति की मौजूदगी की सूचना
केलर ने एसोसिएटेड प्रेस को फोन पर बताया, “मैंने सोचा कि यह आतिशबाजी थी। मैं बाहर गया
और सभी बच्चों को भागते देखा… मैंने शायद 200 बच्चों को देखा। स्कूल के एक छात्र ने कहा कि
जब उन्होंने गोलियों की आवाजें सुनीं तब उसकी कक्षा के छात्र स्कूल के जिम में स्केटिंग का
अभ्यास कर रहे थे। कौल ने बताया कि चिंतित अभिभावक घंटों तक बस डिपो पर अपने बच्चों
का इंतजार करते रहे। उन्होंने कहा कि कानून लागू करने वाली एजेंसी खतरे को लेकर लगातार चिंतित थी।