
गुवाहाटी। असम में बाढ़ से लगातार हालात बिगड़ते जा रहे हैं और बृहस्पतिवार को राज्य की प्रमुख
नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। एक आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई।
बुलेटिन में बताया गया कि बाढ़ के कारण राज्य के 29 जिलों में 16.50 लाख से अधिक लोग प्रभावित
हैं। ब्रह्मपुत्र, दिगारू और कोलोंग नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं, कामरूप (मेट्रो)
जिले में अलर्ट जारी किया गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा बृहस्पतिवार को
गुवाहाटी के मालीगांव, पांडु पोर्ट और मंदिर घाट के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे।
असम में बाढ़ से बिगडे़ हालात
शर्मा ने बुधवार देर रात सभी जिला आयुक्तों के साथ बाढ़ की स्थिति पर एक बैठक की अध्यक्षता
की। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने
का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे 15 अगस्त से पहले सभी पुनर्वास दावों को
मानदंडों के अनुसार पूरा करें और मुख्यालय को सटीक जानकारी प्रदान करें ताकि लोगों को पर्याप्त
राहत दी जा सके। असम सरकार के कैबिनेट मंत्री भी बृहस्पतिवार से अगले तीन दिनों तक बाढ़
प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे और स्थिति का जायजा लेंगे। असम में इस साल बाढ़, भूस्खलन
और तूफान में मरने वालों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है तथा तीन अन्य लोग लापता हैं। बाढ़ के
कारण बारपेटा, विश्वनाथ, कछार, चराईदेव, चिरांग, दारांग, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट,
कामरूप मेट्रोपोलिटन, कार्बी आंगलोंग, करीमगंज, लखीमपुर, माजुली, मोरीगांव, नगांव, नलबाड़ी,
शिवसागर, सोनितपुर जिले प्रभावित हैं। असम में जारी बाढ़ के संकट के कारण धुबरी में सबसे
ज़्यादा 2.23 लाख प्रभावित हैं, इसके बाद दरांग में लगभग 1.84 लाख लोग और लखीमपुर में
1.66 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं। ब्रह्मपुत्र नदी निमाटीघाट, तेजपुर, गुवाहाटी,
ग्वालपाड़ा और धुबरी में ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही है।