केजरीवाल- संजय सिंह को SC से राहत

संजय स‍िंह को सुप्रीम कोर्ट से क‍िस केस में म‍िली बड़ी राहत, केजरीवाल का उस  मामले से क्या कनेक्शन? - Sanjay Singh has a big relief from Supreme Court  in Gujarat University

केजरीवाल- संजय सिंह को SC से राहत

सुप्रीम कोर्ट से लेकर लोअर कोर्ट तक के वीकली राउंड
अप में इस सप्ताह कानूनी खबरों के लिहाज से काफी
उथल-पुथल वाला रहा है। बिलकिस बानो केस के दोषियों की
सरेंडर को बढ़ाने वाली मोहलत सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी।
बंगला खाली करने के मामले में महुआ मोइत्रा को दिल्ली हाईकोर्ट से
झटका लगा। इस सप्ताह यानी 15 जनवरी से 20 जनवरी 2024 तक
क्या कुछ हुआ? कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट और टिप्पणियों
का विकली राउंड अप आपके सामने लेकर आए हैं।
कुल मिलाकर कहें तो आपको इस सप्ताह होने वाले
भारत के विभिन्न न्यायालयों की मुख्य खबरों के बारे में बताएंगे।

मोदी की शैक्षिक डिग्रियों के बारे में जानकारी प्रदान करने के मुख्य सूचना

गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा सूचना के अधिकार (आरटीआई)

अधिनियम के तहत मोदी की शैक्षिक डिग्रियों के बारे में जानकारी

प्रदान करने के मुख्य सूचना आयुक्त के आदेश को रद्द करने के

बाद गुजरात विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पीयूष पटेल ने केजरीवाल

और संजय सिंह के खिलाफ

उनकी कथित टिप्पणियों पर मानहानि का मामला दायर किया था।

केजरीवाल- संजय सिंह को SC से राहत

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की

शैक्षणिक योग्यता के बारे में कथित टिप्पणियों के लिए दिल्ली के

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आप सांसद संजय सिंह के

खिलाफ गुजरात विश्वविद्यालय द्वारा दायर मानहानि शिकायत पर

ट्रायल कोर्ट के समक्ष कार्यवाही पर रोक लगा दी।

न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने

याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया

निचली अदालत द्वारा उन्हें जारी किए गए समन को रद्द करने की मांग वाली याचिका

शीर्ष अदालत ने गुजरात उच्च न्यायालय से आम आदमी पार्टी

(आप) नेताओं द्वारा निचली अदालत द्वारा उन्हें जारी किए गए

समन को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर चार सप्ताह

के भीतर निर्णय लेने को कहा। पीठ ने कहा कि इस बीच,

ट्रायल कोर्ट के समक्ष कार्यवाही पर रोक रहेगी।

सांसद संजय सिंह ने वकील करण शर्मा के माध्यम से शीर्ष

अदालत में दायर अपनी याचिका में ट्रायल कोर्ट के समक्ष कार्यवाही

में पक्षपात का आरोप लगाया था और कहा था कि जब

याचिका उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित थी, तो ट्रायल जज मामले पर आगे बढ़ रहे थे।

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