
कैबिनेट की बैठक में नियमावली को मिली मंजूरी
धामी ने कहा कि हमने 2022 में उत्तराखंड की जनता से वादा किया था कि हमारी सरकार बनते ही
हम यूसीसी बिल लाएंगे। हम इसे ले आये। मसौदा समिति ने इसका मसौदा तैयार किया, यह पारित
हुआ, राष्ट्रपति ने इसे मंजूरी दी और यह एक अधिनियम बन गया। ट्रेनिंग की प्रक्रिया भी लगभग
पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हर चीज का विश्लेषण करने के बाद हम जल्द ही तारीखों की घोषणा
करेंगे। यहां यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि भाजपा सरकार ने पिछले साल 6 फरवरी को उत्तराखंड
विधानसभा के एक विशेष सत्र के दौरान यूसीसी विधेयक पेश किया था और इसे एक दिन बाद 7
फरवरी को आरामदायक बहुमत के साथ पारित किया गया था। उत्तराखंड विधानसभा के बाद,
फरवरी में यूसीसी विधेयक पारित किया गया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 13 मार्च को इस पर
हस्ताक्षर किए, जिससे उत्तराखंड के लिए यूसीसी अधिनियमित करने वाला भारत का पहला
राज्य बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया। समान नागरिक संहिता समान व्यक्तिगत कानूनों का
एक सेट स्थापित करने का प्रयास करती है जो धर्म, लिंग या जाति की परवाह किए बिना सभी
नागरिकों पर लागू होते हैं। इसमें विवाह, तलाक, गोद लेना, विरासत और उत्तराधिकार
जैसे पहलू शामिल होंगे।