
क्या PM मोदी सच में रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करवा कर ही मानेंगे
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और यूक्रेन की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान
किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान
को प्रोत्साहित करना जारी रखेगा। विदेश मंत्री एस जयशंकर और विदेश सचिव विनय क्वात्रा वार्ता के
दौरान मोदी के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। ऐसी जानकारी है कि जेलेंस्की ने मोदी को (रूस के साथ
यूक्रेन के) संघर्ष के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी। मोदी ने पिछले साल मई में हिरोशिमा में
पिछले जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान भी जेलेंस्की से मुलाकात की थी। भारत का कहना है कि यूक्रेन
में संघर्ष को संवाद और कूटनीति के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। मोदी और जेलेंस्की के बीच यह
मुलाकात स्विस शांति शिखर सम्मेलन से पहले हुई। भारत ने बुधवार को कहा था कि वह यूक्रेन संघर्ष
को लेकर आगामी शांति शिखर सम्मेलन में उचित स्तर पर भाग लेगा। प्रस्तावित शांति शिखर
सम्मेलन 15 और 16 जून को ल्यूसर्न के बुर्गेनस्टॉक में होगा। स्विट्जरलैंड ने मोदी को भी इसमें भाग
लेने के लिए आमंत्रित किया है। हालांकि, ऐसी संभावना है कि शिखर सम्मेलन में भारत का
प्रतिनिधित्व एक वरिष्ठ राजनयिक करेंगे।