मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। धरना स्थल के चारों तरफ बैरिकेडिंग और ज्यादा कर दी गई है।
छात्र पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। उधर, अखिलेश यादव आज प्रयागराज में प्रदर्शन
कर रहे अभ्यर्थियों से मुलाकात कर सकते हैं।प्रयागराज के डीसीपी अभिषेक भारती का कहना है कि छात्र
राज्य पीएससी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे संवैधानिक तरीके
से अपना विरोध जारी रखें और उनकी मांगों को अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।उन्होंने बताया कि
बुधवार को असामाजिक तत्वों द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और उनके खिलाफ
मामले दर्ज किए गए हैं। वे छात्र नहीं बल्कि असामाजिक तत्व हैं, जिनका आपराधिक इतिहास है।
से असामाजिक तत्व विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बन रहे हैं और छात्रों को भड़का रहे हैं। उनकी पहचान
की जा रही है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
आयोग के बाहर तोड़फोड़ में सपा नेता समेत तीन को जेल
इससे पहले, उप्र. लोकसेवा आयोग के बाहर चल रहे प्रदर्शन के दौरान सरकारी बैरियर, कोचिंग
का बोर्ड तोड़ने व अशांति फैलाने के मामले में बुधवार को बड़ी कार्रवाई हुई। पुलिस ने सपा नेता
समेत तीन लोगों को जेल भेज दिया। सपा नेता समेत दो पर एक दिन पहले दर्ज कराए गए
कदमे जबकि एक अन्य आरोपी का शांतिभंग में चालान हुआ। अज्ञात आरोपियों की पहचान
के प्रयास जारी हैं।जेल भेजे गए आरोपियों में सपा लोहिया वाहिनी का राष्ट्रीय महासचिव
राघवेंद्र यादव, अभिषेक शुक्ला व शशांक दुबे शामिल हैं। राघवेंद्र व अभिषेक सिविल लाइंस थाने
में दर्ज मुकदमे में नामजद आरोपी हैं। राघवेंद्र मूल रूप से जौनपुर व अभिषेक मिर्जापुर का रहने
वाला है। पुलिस का दावा है कि मंगलवार को सरकारी बैरियर, कोचिंग का बोर्ड तोड़ने वालों में दोनों
शामिल थे। उन्हें वीडियो फुुटेज से चिह्नित किया गया है। सिविल लाइंस थाने में लोकसेवा आयोग
चौकी प्रभारी कृष्णमुरारी चौरसिया की तहरीर पर कुल 12 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
इनमें से दो नामजद जबकि शेष अज्ञात थे। पुलिस अज्ञात आरोपियों को चिह्नित करने के लिए वीडियो फुटेज खंगालने में जुटी है।