
एक आधिकारिक बयान के अनुसार आदित्यनाथ ने शीतकालीन सत्र से पहले विभिन्न राजनीतिक
दलों के नेताओं के साथ बैठक की। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की मौजूदगी में हुई बैठक में
आदित्यनाथ ने कहा, सदन में स्वस्थ चर्चा से प्रदेश का विकास और जनता की समस्याओं का
समाधान होता है। हम सभी जनप्रतिनिधि हैं, हमें जनता के मुद्दों, उनकी समस्याओं को लेकर
सदन में सुचारू रूप से चर्चा करनी चाहिए। मुख्यमंत्री व विधानसभा अध्यक्ष ने सदन के कुशल
संचालन के लिए सभी दलों का सहयोग मांगा।आदित्यनाथ ने सर्वदलीय बैठक में कहा, सदन
सार्थक चर्चा का माध्यम होता है। इससे ही प्रदेश के विकास कार्यों को रफ्तार मिलती है। साथ ही
समस्याओं का समाधान होता है। सदन के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न हो, सभी को
इसका ध्यान रखना चाहिये। बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन को ज्यादा से ज्यादा
समय तक संचालित किया जाए, इसके लिए सभी का सहयोग जरूरी है। आदित्यनाथ ने कहा कि
उत्तर प्रदेश के विकास में योगदान देने के लिए सभी दलों के नेताओं को भी प्रयास करने चाहिए।
इस अवसर पर वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, निर्बल
शोषित हमारा आम दल (निषाद) के अध्यक्ष और राज्य सरकार के मत्स्य मंत्री संजय निषाद, कांग्रेस
विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा मोना व जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के नेता रघुराज प्रताप
सिंह समेत कई प्रमुख लोग मौजूद थे।