महल, किले, हवेलियां। हाथी, घोड़े, रथ और सेना। मंत्री, दरबारी और सिंहासन। राजा जिधर से गुजरें,
प्रजा नतमस्तक हो जाए। जो हुक्म दे दिया, वो कानून बन गया। राजा-रजवाड़ों का वो दौर इतिहास के
पन्नों में दर्ज है। आजादी के बाद जब भारत में लोकतंत्र का उदय हुआ, उसके बाद ज्यादातर रजवाड़ों का
सूरज भी मद्धिम पड़ता गया।राजशाही से लोकशाही की इस यात्रा में राजपरिवार, सत्ता के केंद्र में बने
रहने को कसमसाते रहे। चुनावी युद्ध में उतरे तो जय के साथ पराजय का भी स्वाद चखना पड़ा।
हार-जीत की इस लड़ाई में अलग-अलग बिसातें भी बिछाईं। कभी अकेले दम सियासी तलवारें
खींची तो कभी दलपति बनकर मैदान में उतरे। निकाय, जिला परिषद से लेकर विधायकी और
सांसदी के चुनाव भी लड़े।
मुरसान राजघराना
मुरसान राजघराना भी सियासी आसमान पर चमका। मुरसान राजघराने में सबसे लोकप्रिय नाम राजा
महेंद्र प्रताप सिंह का रहा है। राजा महेंद्र प्रताप ने स्वतंत्रता संग्राम में देश के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर
कर दिया था। बच्चे व पत्नी को छोड़कर विदेश चले गए। अफगानिस्तान में देश की पहली अपदस्थ सरकार
बनाकर अंग्रेजों को कड़ा संदेश दिया था।आजादी के बाद से राजा महेंद्र प्रताप तो राजनीति में आए ही उनके
स्वजन ने भी हाथ आजमाया। साल 1951 में हुए स्वतंत्र भारत के पहले लोकसभा चुनाव में राजा महेंद्र प्रताप
सिंह मथुरा में निर्दलीय चुनाव लड़े, लेकिन जीत नहीं पाए थे। वर्ष 1957 में वह फिर निर्दलीय मैदान में उतरे
और कांग्रेस के चौ. दिगंबर सिंह को पराजित किया। उस चुनाव में अटल बिहारी वाजपेयी भी मैदान में थे,
उन्होंने अपनी सभा में राजा महेंद्र प्रताप सिंह को चुनाव जिताने की अपील की थी।
जब न प्रजा नतमस्तक हुई और न हुक्म कानून बना
साल 1962 के चुनाव में चौ. दिगंबर सिंह ने उनको पराजित कर दिया। इसके बाद 1967 के चुनाव में उन्होंने
अलीगढ़ लोकसभा सीट से किस्मत आजमाई, परंतु उस चुनाव में भी उनको निर्दलीय प्रत्याशी शिवकुमार
शास्त्री के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा था। उनके स्वजन राजा गोपाल प्रसाद 1957 से 88 तक मुरसान
के चेयरमैन रहे। राजा गोपाल प्रसाद के पिता किशोरी रमण 1957 में इगलास विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने
गए थे। साल 1959 में राजा गोपाल प्रसाद मृत्यु के बाद उपचनाव में पत्नी रानी हरीश कुमारी ने चुनाव लड़ा,
लेकिन वह कांग्रेस श्यौदान सिंह के हार गईं। राजा गोपाल प्रसाद के नाती गरुणध्वज वर्तमान में मुरसान
में जिला पंचायत सदस्य हैं।
