झारखंड के गोड्डा में पुलिस की गोलीबारी में एक आदिवासी की मौत

झारखंड के गोड्डा में पुलिस की गोलीबारी में एक आदिवासी की मौत
झारखंड के गोड्डा में पुलिस की गोलीबारी में एक आदिवासी की मौत
गोड्डा। झारखंड के गोड्डा जिले में जबरन वसूली के एक आरोपी की धरपकड़ के अभियान के दौरान
पुलिस की कथित गोलीबारी में विशेष संकटापन्न आदिवासी समूह (पीवीटीजी) का 30 वर्षीय एक
व्यक्ति मारा गया। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। मृतक के परिवार के सदस्यों
ने आरोप लगाया है कि पुलिस की गोली लगने से उसकी जान गयी। उन्होंने मांग की जिस पुलिसकर्मी
ने उसपर गोली चलायी , उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।  गोड्डा के पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह
मीणा ने बताया कि इस घटना की जांच तथा जरूरी कानूनी कार्रवाई करने के लिए उपसंभागीय पुलिस
अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष दल बनाया गया है। उन्होंने कहा कि मृतक की पहचान बाबा डांगा
पारा के निवासी हरि नारायण पहाड़िया के रूप में हुई है। बाबा डांगा पारा झारखंड की राजधानी रांची
से करीब 350 किलोमीटर दूर है। पुलिस के एक बयान के अनुसार, उसकी एक टीम बेनाडिक हेम्ब्रम
नामक व्यक्ति के घर पर छापा मारने के लिए बुधवार शाम को बाबा डांगा पारा गयी थी। उससे पहले
16 अप्रैल को सुंदर पहाड़ी पुलिस थाने में जबरन वसूली की एक प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी। 

छापे के दौरान पुलिस ने घर से एक व्यक्ति को भागते हुए देखा

बयान में कहा गया है, ‘‘ छापे के दौरान पुलिस ने घर से एक व्यक्ति को भागते हुए देखा। सहायक

उपनिरीक्षक राजनाथ यादव ने उसे रूकने का आदेश दिया लेकिन उसने भागने की कोशिश की।

उसे पकड़ने के क्रम में गोलियां चलीं तथा उस व्यक्ति (हरि नारायण) के बांये कंधे में गोली लग गयी।’’

बयान के मुताबिक, इस घायल व्यक्ति को सुंदर पहाड़ी के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया

जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। इस बीच, हरि नारायण के बड़े भाई

कामदेव पहाड़िया ने पुलिस के इस आरोप का खंडन किया कि वह घर से भाग रहा था। 

 

झारखंड के गोड्डा में पुलिस की गोलीबारी में एक आदिवासी की मौत

कामदेव ने कहा, ‘‘यह घटना नदी के तट पर हुई जहां मेरा भाई शौच कर रहा था। मेरे भाई को जान-बूझकर

गोली मारी गयी लेकिन हमें इसकी वजह का पता नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि उनका परिवार उस पुलिसकर्मी

के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएगा जिसने उनके भाई पर गोली चलायी। कामदेव ने कहा, ‘‘ मेरा भाई

किसान था…..उसकी दो बेटियां और एक बेटा है। वह परिवार में एकमात्र कमाने वाला था। अब उसकी

पत्नी एवं बच्चों की देखभाल कौन करेगा?’’ कामदेव ने उन सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित

किये जाने की मांग की जो इस पुलिस दल का हिस्सा थे। उन्होंने उनके भाई पर कथित रूप से गोली

चलाने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

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