न्यू ईयर मनाने के लिए लड़की लाने को कहा था
दिल्ली में 12 साल की लड़की से गैंगरेप
मामला दिल्ली के सदर बाजार इलाके का है। टी-स्टॉल के मालिक ने 1 जनवरी
को कूड़ा बीनने वाली महिला से न्यू ईयर मनाने के लिए एक लड़की का इंतजाम करने को कहा था।
महिला उसकी दुकान पर अक्सर चाय पीने आती थी।
अगले दिन महिला कचरा बीनने वाली 12 साल की लड़की से मिली और
उसे खुर्शीद मार्केट में एक बिल्डिंग की छत से कचरा इकट्ठा करने के लिए कहा।
जब लड़की इलाके में पहुंची तो वहां चारों आरोपी उसका इंतजार कर रहे थे।
सील बिल्डिंग में आरोपियों ने रेप किया
आरोपियों ने एक सील बिल्डिंग के अंदर प्लास्टिक से टेंट बना रखा था।
वहां लड़की के साथ बारी-बारी से रेप किया। आरोपियों ने लड़की को
घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी
इसके बाद लड़की उत्तर पश्चिमी दिल्ली स्थित अपने घर लौट आई और दो दिन तक चुप रही।
5 जनवरी को वह कूड़ा बीनने के लिए सदर बाजार गई तो उसने वहां रहने वाले कजिन को आपबीती बताई।
उसके कजिन ने लड़की के माता-पिता को जानकारी दी।
फिर परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने बताया कि शिकायत दर्ज
कराने के कुछ घंटों बाद सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।
टी-स्टॉल का मालिक छत्तीसगढ़ का रहने वाला है, जबकि उसकी दुकान पर
काम करने वाले तीन लड़के उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं।
दिल्ली में 12 साल की लड़की से गैंगरेप
इस घटना से 22 दिन पहले 12 दिसंबर को दिल्ली के स्वरूप नगर में 9 साल
की बच्ची से रेप और हत्या का मामला सामने आया था। बच्ची
12 दिसंबर को घर के बाहर खेलने के दौरान लापता हो गई थी।
पुलिस ने बताया कि बच्ची जिस घर में रह रही थी, उसी के मकान मालिक (52)
ने इस घटना को अंजाम दिया था। आरोपी को 19 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था।
दिल्ली महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित शहर
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने 2022 की अपनी रिपोर्ट में दिल्ली को
महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित शहर बताया है। यह रिपोर्ट 3 दिसंबर 2023
को जारी की गई थी। इसमें बताया गया है कि
2022 में दिल्ली में हर दिन 3 रेप केस दर्ज किए गए।
NCRB की रिपोर्ट में बताया कि देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल
4 लाख 45 हजार 256 केस दर्ज किए गए, यानी हर घंटे लगभग 51 FIR हुईं।
2021 में यह आंकड़ा 4 लाख 28 हजार 278 था।
2021 की तुलना में महिला अपराधों में 4% की बढ़ोतरी हुई है।
पिछले साल हर एक लाख बच्चों में क्राइम रेट 36.6 था, जो साल 2021 (33.6) की तुलना में 3% ज्यादा है।
