
सिंध प्रांत के कराची पूर्व और सुजावल जिलों में इन नये मामलों की पुष्टि हुई है।
इन मामलों के सामने आने के बाद देश में पोलियो वायरस के उन्मूलन के प्रयासों
को झटका लगा है।राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान में पोलियो उन्मूलन के लिए
क्षेत्रीयप्रयोगशाला द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘कराची पूर्व और सुजावल
से इस साल का यह पहला मामला है, जहां पर्यावरणीय नमूनों में हाल के महीनों
में पोलियो वायरस की मौजूदगी देखी गई है। इससे पता चलता है कि यह समुदायों
में फैल रहा है और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।
’’पोलियो उन्मूलन के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की विशेष प्रतिनिधि आयशा
रजा फारूक ने नये मामलों को पाकिस्तानी बच्चों के लिए ‘‘चिंताजनक’’ बताया और
कहा कि उन्हें अभी भी एक ऐसी बीमारी से खतरा है जिससे आसानी से बचा जा सकता
है। उन्होंने कहा, ‘‘पोलियो का कोई इलाज नहीं है।’’उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि
बार-बार टीकाकरण से बच्चों को इस ‘‘भयानक’’ बीमारी के प्रभावों से बचाया जा सकता
है। उन्होंने अभिभावकों, सामुदायिक नेताओं और शिक्षकों से आग्रह किया कि वे सभी
बच्चों का टीकाकरण कराने के लिए तत्काल कदम उठाएं।