
प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री मोदी, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को ‘एक्सपायरी दवाइयाँ’ करार देते हुए
उन पर भ्रष्टाचार और बेरोजगारी खत्म करने में अक्षमता का आरोप लगाया है।
यह बयान आगामी बिहार विधानसभा चुनावों से पहले वर्तमान राजनीतिक
नेतृत्व के प्रदर्शन और जनता की अपेक्षाओं पर एक गंभीर विश्लेषणात्मक
दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है, जिस पर जन सुराज पार्टी भी अपनी दावेदारी पेश कर रही है।
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव को “एक्सपायरी दवाइयाँ
करार देते हुए आरोप लगाया कि वे भ्रष्टाचार और बेरोजगारी
को खत्म नहीं कर सकते। किशोर ने यहाँ संवाददाताओं से कहा
कि यह अच्छी बात है कि बिहार में पहली बार नेताओं के मन में यह डर है
कि अगर वे जनता के बीच नहीं जाएँगे तो जनता उन्हें वोट नहीं देगी।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, राहुल गांधी
और तेजस्वी यादव जैसे नेता एक्सपायरी दवाइयों की तरह हैं।
प्रशांत किशोर का तीखा वार: मोदी, राहुल, तेजस्वी ‘एक्सपायरी दवा’, नहीं खत्म कर सकते भ्रष्टाचार-बेरोजगारी
वे भ्रष्टाचार और बेरोजगारी को खत्म नहीं कर सकते।
बिहार विधानसभा चुनाव इस साल के अंत में होंगे।
मुख्य मुकाबला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले
मौजूदा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और राजद के नेतृत्व वाले
महागठबंधन के बीच है। 243 सदस्यों वाली वर्तमान बिहार विधानसभा में
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के 131 विधायक हैं
जिसमें भाजपा के 80 विधायक, जेडी(यू) के 45, हम (एस) के 4 और 2
निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन शामिल है। महागठबंधन के सदस्यों
की संख्या 111 है, जिसमें राजद के 77 विधायक, कांग्रेस के 19,
भाकपा (माले) के 11, माकपा के 2 और भाकपा के 2 विधायक हैं।