भगदड़ में 11 लोगों की मौत के मामले में RCB अधिकारी समेत चार गिरफ्तार

भगदड़ में 11 लोगों की मौत के मामले में RCB अधिकारी समेत चार गिरफ्तार
भगदड़ में 11 लोगों की मौत के मामले में RCB अधिकारी समेत चार गिरफ्तार
आईपीएल जीतने वाले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के जश्न के दौरान बेंगलुरु में मची
भगदड़ के दो दिन बाद, पुलिस ने शुक्रवार को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आरसीबी
प्रबंधन से निखिल सोसाले और इवेंट मैनेजमेंट फर्म डीएनए से सुनील मैथ्यू को हिरासत में
लिया। पुलिस के अनुसार, इस मामले में दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।
गुरुवार को पुलिस ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के निर्देश पर आरसीबी, डीएनए और कर्नाटक
राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसके बाद जिम्मेदार
प्रतिनिधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि केएससीए के अधिकारी फिलहाल
फरार हैं। गुरुवार को ही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास मची भगदड़
के लिए जिम्मेदार चूक के कारण बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त बी दयानंद सहित कई वरिष्ठ
अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया।उसी दिन पहले, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने
घटना का स्वत: संज्ञान लिया और राज्य सरकार को 10 जून तक स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का
निर्देश दिया।

भगदड़ में 11 लोगों की मौत के मामले में RCB अधिकारी समेत चार गिरफ्तार

कैबिनेट बैठक के बाद, सिद्धारमैया ने घोषणा की कि सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
न्यायमूर्ति माइकल कुन्हा नियोजन, समन्वय और भीड़ नियंत्रण में विफलताओं की जांच करने के
लिए एक-व्यक्ति न्यायिक आयोग का नेतृत्व करेंगे। आयोग को अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करने के
लिए 30 दिन का समय दिया गया है।कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बृहस्पतिवार को यहां
चिन्नास्वामी स्टेडियम के सामने हुई भगदड़ के मामले में बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त बी दयानंद
और कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया तथा वरिष्ठ आईपीएस
अधिकारी सीमांत कुमार सिंह को अगले आदेश तक बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त के पद पर नियुक्त
किया। भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री ने आरसीबी टीम, इवेंट मैनेजमेंट फर्म
डीएनए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के प्रतिनिधियों
की गिरफ्तारी का भी आदेश दिया, जिसके कुछ ही घंटों बाद उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित
विभिन्न आरोपों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। राज्य सरकार की यह कार्रवाई भाजपा के चौतरफा
हमले के बीच आई है, जिसने सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के इस्तीफे की मांग की
है तथा सरकार पर गंदी राजनीति करने का आरोप लगाया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »