
भारत को ‘ग्रुप आफ डैथ’ मिला है जिसमें कई बार की विजेता इंडोनेशिया, थाईलैंड और इंग्लैंड
है। भारत को पहला मुकाबला थाईलैंड से खेलना है जिसमें मौजूदा विश्व चैम्पियन कुंलावुत
वितिदसर्न और युवा पी तीरारात्साकुल हैं। तीसरी वरीयता प्राप्त इंडोनेशिया की टीम में
जोनाथन क्रिस्टी और एंथोनी जिंटिंग जैसे सितारे हैं जो मार्च में आल इंग्लैंड फाइनल्स
खेल चुके हैं। इनके अलावा मुहम्मद रियान अर्दियांतो और फजर अल्फियान की सातवीं
रैंकिंग वाली जोड़ी भी टीम में है। भारत के एच एस प्रणय ने कहा ,‘‘ यह वर्ष कठिन होगा।
मौजूदा फॉर्म को देखते हुए अधिकांश टीमों में तीन मजबूत एकल खिलाड़ी और दो युगल खिलाड़ी हैं।’’
भारतीय पुरूष टीम की नजरें थॉमस कप पर
दो साल पहले निर्णायक पांचवां एकल मुकाबला जीतने वाले प्रणय इस सत्र के पहले हाफ में फिटनेस
समस्याओं से जूझने के बाद आये हैं। उन्होंने हालांकि हाल ही में चीन के लू गुआंग जू को हराकर फॉर्म
में लौटने के संकेत दिये हैं।लक्ष्य सेन फ्रेंच ओपन और आल इंग्लैंड में सेमीफाइनल तक पहुंचे। दो साल
पहले सभी छह मैच जीतने वाले किदाम्बी श्रीकांत 2022 राष्ट्रमंडल खेल और 2023 एशियाई खेलोंमें
टीम चैम्पियनशिप फाइनल हार गए थे। तीसरे एकल की जिम्मेदारी प्रियांशु राजावत को भी दी जा
सकती है जो बैंकाक में टीम का हिस्सा थे और पिछले साल ओरलियंस सुपर 300 खिताब जीता।
युगल में सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने विश्व टूर पर लगातार चार फाइनल जीते हैं।
उनके अलावा ध्रुव कपिला और अर्जुन एमआर दूसरी जोड़ी होगी। उबेर कप में अष्मिता चालिहा भारत
की युवा टीम की अगुवाई करेगी। भारत के धुरंधर खिलाड़ी पेरिस ओलंपिक क्वालीफायर खेलने के लिये
इस टूर्नामेंट में नहीं खेल रहे हैं। भारत को ग्रुप ए में कनाडा, चीन और सिंगापुर के साथ रखा गया है।
टीम में चालिहा के अलावा राष्ट्रीय चैम्पियन अनमोल खरब, ईशारानी बरूआ और तन्वी शर्मा हैं।