
जम्मू संभाग में प्रशासन ने क्षेत्र के सभी 10 जिलों में नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किए हैं
जो 24 घंटे काम करेंगे। पहलगाम हमले के बाद बढ़े तनाव के बीच यह 14वीं रात
थी जब पाकिस्तान की ओर से जम्मू कश्मीर में सीमा पर गोलीबारी की गई।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत द्वारा मिसाइल हमला किए जाने के बाद बुधवार
को पाकिस्तानी सेना ने जम्मू कश्मीर के सीमावर्ती गांवों को निशाना बनाकर भीषण गोलाबारी की और मोर्टार दागे।
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार की तुलना में बृहस्पतिवार को सीमा पार से
गोलेबारी की तीव्रता कम रही और यह चार सेक्टर तक सीमित रही। जम्मू में
एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘सात और आठ मई की दरमियानी रात पाकिस्तानी
सेना की तरफ से कुपवाड़ा, बारामूला, उरी और अखनूर सेक्टर के सामने स्थित
एलओसी पर छोटे हथियारों और तोपों का इस्तेमाल करते हुए बिना उकसावे के
हमले किए गए। भारतीय सेना ने भी इसका मुंह तोड़ जवाब दिया।’’
भारतीय सेना ने भी दिया माकूल जवाब
अधिकारियों ने बताया कि किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
उन्होंने बताया कि जम्मू में सबसे ज्यादा प्रभावित पुंछ सेक्टर में बुधवार को
हुई भीषण गोलेबारी में 13 लोगों की मौत हो गई थी, लेकिन रात में स्थिति सामान्य रही।
हालात के मद्देनजर सीमावर्ती इलाके के सैकड़ों निवासी पहले ही सुरक्षित क्षेत्रों में
चले गए हैं। पाकिस्तानी गोलेबारी में मारे गए 13 लोगों में ‘5-फील्ड रेजिमेंट’ के
लांस नायक दिनेश कुमार भी शामिल हैं। सेना ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा
जनरल ऑफिसर कमांडिंग और व्हाइट नाइट कोर के सभी स्तर के अधिकारी
व जवान रेजिमेंट के लांस नायक दिनेश कुमार के बलिदान को सलाम करते हैं
जिन्होंने सात मई को पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी के दौरान अपने प्राण
न्योछावर कर दिए। हम पुंछ सेक्टर में निर्दोष नागरिकों पर लक्षित हमलों के
सभी पीड़ितों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।’’
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले का बदला देते हुए भारत ने
मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके)
में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइलों से हमले किए।