
केजरीवाल को अंतरिम जमानत दे दी गई
याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री को कुछ मेडिकल परीक्षणों से गुजरना होगा
और इस उद्देश्य के लिए अंतरिम जमानत, जो 1 जून को समाप्त हो रही है, को बढ़ाया
जाना चाहिए। पार्टी ने आगे बताया कि डॉक्टरों ने AAP संयोजक को पॉज़िट्रॉन एमिशन
टोमोग्राफी और कंप्यूटेड टोमोग्राफी (PET-CT) स्कैन और कुछ अन्य मेडिकल टेस्ट
कराने की सलाह दी थी, जिसके कारण केजरीवाल ने अपनी अंतरिम जमानत बढ़ाने
की मांग की है।शीर्ष अदालत ने 10 मई को उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार करने
के लिए 21 दिनों की अंतरिम जमानत दी थी। हालाँकि, इसने उन्हें अपने कार्यालय या
दिल्ली सचिवालय में जाने और आधिकारिक फाइलों पर हस्ताक्षर करने से रोक दिया
था, जब तक कि उपराज्यपाल की मंजूरी प्राप्त करने के लिए यह बिल्कुल आवश्यक न हो।
याचिका दायर कर अंतरिम जमानत की अवधि 7 दिन बढ़ाने की मांग की
यह मामला 2021-22 के लिए दिल्ली सरकार की अब समाप्त हो चुकी उत्पाद शुल्क
नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है।
यह आरोप लगाया गया है कि शराब व्यापारियों को लाइसेंस देने के लिए दिल्ली सरकार
की 2021-22 की उत्पाद शुल्क नीति ने गुटबंदी की अनुमति दी और कुछ डीलरों का पक्ष
लिया, जिन्होंने कथित तौर पर इसके लिए रिश्वत दी थी, इस आरोप का AAP ने बार-बार
खंडन किया। बाद में नीति को रद्द कर दिया गया और दिल्ली के उपराज्यपाल वीके
सक्सेना ने केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच की सिफारिश की, जिसके बाद ईडी ने धन शोधन
निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया।