यूएई के प्रेसिडेंट शेख मोहम्मद मुख्य अतिथि के तौर पर लिया हिस्सा
अहमदाबाद। पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि वैश्विक अस्थिरता के इस दौर में भारत
एक उम्मीद की किरण के तौर पर स्थापित हुआ है और वैश्विक विकास के इंजन,
एक विश्वसनीय मित्र और स्थिरता के तौर पर इसे देखा जा रहा है।
गुजरात वाइब्रेंट समिट का शुभारंभ करते हुए पीएम ने एक तरफ विदेशी निवेशकों
को अपनी सरकार के पिछले दस वर्षों के रिकार्ड के आधार पर भारत में बढ़ चढ़ कर
निवेश करने का आह्ववान किया तो दूसरी तरफ भारतीय कारपोरेट सेक्टर को भी बड़े सपने देखने को कहा।
‘भारत कुछ वर्षों में दुनिया की तीसरी बड़ी इकोनमी होगी’
मोदी ने कहा कि, “आप जिनता बड़ा सपना देखेंगे, मेरा संकल्प उतना ही बड़ा होगा।”
भारत की प्रगति की संभावनाओं पर आशंका जताने वालों की तरफ सांकेतिक तौर पर
उन्होंने कहा कि, यह मेरी गारंटी है कि भारत अगले कुछ वर्षों में दुनिया की तीसरी ब
ड़ी इकोनमी बन जाएगा। गुजरात वाइब्रेंट समिट की शुरुआत 20 वर्ष पहले पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शुरू की थी।
UAE के प्रेसिटेंड भी आयोजन में हुए शामिल
यूएई के प्रेसिटेंड शेख मोहम्मद बिन जायद इस साल आयोजन के प्रमुख मेहमान
के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने इस सम्मेलन को संबोधित भी किया जबकि
वह बहुत ही कम अवसर पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाषण देते हैं।
यहां तक कि हाल ही में दुबई में संपन्न काप-28 (पर्यावरण सुरक्षा पर सम्मेलन) में
भी उन्होंने कोई भाषण नहीं दिया था। यह भारत और यूएई के बीच मजबूत होते रिश्ते व मोदी व शेख मोहम्मद के बीच के संबंधों को भी बताता है।
यूएई के प्रेसिडेंट शेख मोहम्मद मुख्य अतिथि के तौर पर लिया हिस्सा
पीएम मोदी ने भी अपने भाषण में कई बार यूएई प्रेसिटेंड को अपना ‘भाई’ (ब्रदर)
कह कर संबोधित किया। यूएई के राष्ट्रपति ने कहा कि, वाइब्रेंट गुजरात समिट आर्थिक विकास
व निवेश से जुड़ी जानकारियां और अनुभव साझा करने का वैश्विक प्लेटफार्म बन गया है।
सम्मेलन के उद्यघाटन समारोह में मोजाम्बिक के राष्ट्रपति और चेक गणराज्य के
पीएम पैत्र फियाला और तिमोर-लेस्ते के राष्ट्रपति रामोस-होर्ता भी उपस्थित थे।
पीएम मोदी ने कहा कि, “आज तेजी से बदलते हुए विश्व व्यवस्था में भारत ‘विश्व-मित्र’ की भूमिका में आगे बढ़ रहा है।
‘भारत, दुनिया में विश्व की एक नई किरण बनकर के उभरा’
आज भारत ने विश्व को ये भरोसा दिया है कि हम साझा लक्ष्य तय कर सकते हैं,
अपने लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। विश्व कल्याण के लिए भारत की प्रतिबद्धता,
भारत की निष्ठा, भारत के प्रयास और भारत का परिश्रम, आज की दुनिया को
ज्यादा सुरक्षित और समृद्ध बना रहा है। आज दुनिया हमें स्थिरता के स्तंभ,
लोकजनित विकास के लिए एक भरोसमंद साझेदार, वैश्विक अर्थव्यवस्था के
ग्रोथ इंजन और प्रौद्योगिक के जरिए समस्याओं के समाधान के हब के तौर पर देख रही है।”
इस क्रम में आगे मोदी ने कहा कि,“आज दुनिया की हर प्रमुख रेटिंग एजेंसी का
अनुमान है कि भारत अगले कुछ वर्षों में दुनिया की शीर्ष ती इकोनमी हो जाएगा।
दुनिया के लोग जो विश्लेषण करें मेरी गारंटी है कि हो जाएगा। एक ऐसे समय में
जब विश्व अनेक अनिश्चितताओं से घिरा हुआ है, तब भारत, दुनिया में विश्व की एक नई किरण बनकर के उभरा है।”
