जरा सोचो “#Jio” के आने से पहले कितनी लूट थी
बस यही कारण है की इन #विदेशी #एजेंटों द्वारा अपने ही देश 🇮🇳 का बहिष्कार हो रहा है।
जरा सोचो “#Jio” के आने से पहले कितनी लूट थी ?
जब “#अडानीएग्रो ” शुरू हुआ तो “विदेशी #पेप्सिको” #डोमीनोज ” #
वोलमार्ट” ओर #मैकडोनाल्ड को क्या तकलीफ ? वो तो सालों से बड़े बड़े #गोदाम लेकर बैठे है।
#रिलायंसरिटेल से #अमेजन और #फ्लिपकार्ट को टक्कर मिल रही है ।
व्यापार मे आये विदेशी कंपनियों की बैंड बजा दी हैं
दुनिया 🌎 को “#5G” टेक्नोलॉजी चीन दे रहा है भारत मे भी करोड़ों इन्टरनेट ग्राहक है
परन्तु जैसे ही “#रिलायंस_Jio ” ने ये टेक्नोलॉजी विकसित की तो ये “विदेशी एजेंटो” ने बहिष्कार चालू किया।
क्या अडानी, अंबानी आपसे जबरदस्ती कर रहाँ है ?
दूसरी कंपनी से मंहगा है ? तो सस्ता वाला ले लो।
20 रुपये लीटर पेप्सी का पानी जो फाइव स्टार होटल में 200 से 250 रुपये लीटर मिलता हैं,
हमें पसन्द है ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार वाले तो अपने ही देश का बहिष्कार क्यूँ ?
पतंजलि वाला बाबा आपको जबरदस्ती कोई प्रोडक्ट नहीं बेचता, हा वो HUL,
COLGATE, ITC जैसी विदेशी कंपनियों
को टक्कर जरुर देता है फिर नफरत क्यों, दुष्प्रचार क्यों ?
ये विदेशी कंपनीयां भारत से अरबों, खरबो रुपये का बिजनेस करती है
हर महीने करोड़ो के विज्ञापन मीडिया को देती है तो क्या वो
देशी कंपनियों को बदनाम करने के लिए कुछ करोड़ इन
नेताओं ओर लीडरों और चमचों को नहीं दे सकती?
इन विपक्षी समर्थक सिर्फ मोदी विरोध के चक्कर मे अपने ही देश 🇮🇳 का बहिष्कार क्यों करते है ?
क्या” अडानी ” ओर ” अंबानी ” नरेन्द्र मोदी ( 2014 ) के
आने के बाद ही बिजनेस मैन बने ? पहले भिखारी थे ? अपनी
इस सोच से दर असल लोग विदेशी ताकतो के एजेंडे को बढा़ रहे हैं।
व्यापार मे आये विदेशी कंपनियों की बैंड बजा दी हैं
अपने ही देश का नुकसान कर रहे हो तुम ही हो जो स्वदेशी भारत
का विरोध कर रहे हो और फिर चिल्ला चिल्ला कर कहेते हो रुपया कमजोर क्यों हो रहाँ है।
याद है यही “अडानी ” ओर “अंबानी ” का बहिष्कार सबसे पहले राहुल गांधी पप्पू ने ”
राफेल” सौदे को अटकाने के लिये किया था फिर झूठ फैलाने के
लिए कोर्ट मे मांफी मागी थी थूक कर चाटा। जो मा और बेटा कोर्ट से जमानत पर हैं..
फिर ये विरोध दिल्ही के शाहीनबाग मे हुआ बताओ “CAA” से इनको क्या लेना-देना ?
वामपंथी संगठन, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समर्थन कर रहे है
ओर कुछ अक्ल के अंधे इसे ” मोदी विरोध ” समझकर अफवाहों को हवा देते है।
यह जो सरकार इतनी योजनायें चला रही है, यह पैसा देश के ईमानदार
टेक्स प्रेयर के टैक्स से ही आता है। हमारे देश की कम्पनियाँ
कोका कोला 1980 मे भारत में आया और 11soft drink Indian/other brands पर कब्जा कर लिया
बाकी को Pepsi ने ले लिया ! कोई विरोध नही हुआ कोई शोर बकोर नहीं !
अमेजन लगभग हर शहर के बिजनेस व धर्म पर हमला कर रहा है !