सौर ऊर्जा उत्पादन में भारत ने जापान को छोड़ा पीछे

 

सौर ऊर्जा उत्पादन में भारत ने जापान को छोड़ा पीछे
सौर ऊर्जा उत्पादन में भारत ने जापान को छोड़ा पीछे
नई दिल्ली। भारत बीते साल जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में तीसरा
सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक बन गया है। वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में काम कर
रहे शोध संस्थान एंबर की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। भारत 2015 में
सौर ऊर्जा के उपयोग के मामले में नौवें स्थान पर था।भारत बीते साल
जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक
बन गया है। वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में काम कर रहे शोध संस्थान एंबर की एक
रिपोर्ट में यह कहा गया है। भारत 2015 में सौर ऊर्जा के उपयोग के मामले
में नौवें स्थान पर था। वैश्विक रुख के अनुरूप भारत ने पिछले साल कुल
बिजली उत्पादन का 5.8 प्रतिशत सौर ऊर्जा से प्राप्त किया।’

दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक बन गया

रिपोर्ट के अनुसार, सौर ऊर्जा ने लगातार 19वें वर्ष दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते

बिजली स्त्रोत के रूप में अपनी स्थिति बरकरार रखी है। बीते वर्ष दुनियाभर में

कोयले की तुलना में इस स्वच्छ ऊर्जा स्त्रोत से दोगुने से अधिक बिजली जोड़ी

गई। भारत में 2023 में सौर ऊर्जा उत्पादन में जो वृद्धि है, वह दुनिया की चौथी

सबसे बड़ी वृद्धि थी।भारत इस मामले में चीन, अमेरिका और ब्राजील से पीछे

रहा। इन चारों देशों की सौर ऊर्जा वृद्धि में हिस्सेदारी 2023 में 75 प्रतिशत

रही। एंबर ने कहा कि 2023 में वैश्विक सौर उत्पादन 2015 की तुलना में

छह गुना अधिक था। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में बिजली उत्पादन में सौर

ऊर्जा का योगदान 2015 में 0.5 प्रतिशत था, जो 2023 में बढ़कर 5.8

प्रतिशत हो गया।

सौर ऊर्जा उत्पादन में भारत ने जापान को छोड़ा पीछे

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के शुद्ध रूप से शून्य उत्सर्जन परि²श्य के

अनुसार, 2030 तक सौर ऊर्जा वैश्विक बिजली उत्पादन का 22 प्रतिशत तक बढ़

जाएगी। भारत 2030 तक नवीकरणीय क्षमता को तीन गुना करने की योजना

बनाने वाले कुछ देशों में से एक है। एंबर के विश्लेषण के अनुसार, इस क्षमता को

पूरा करने के लिए भारत को वार्षिक क्षमता वृद्धि उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने की

आवश्यकता है।

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