चुनाव 2025 के अंत या 2026 की पहली छमाही में होने की संभावना

 चुनाव 2025 के अंत या 2026 की पहली छमाही में होने की संभावना
चुनाव 2025 के अंत या 2026 की पहली छमाही में होने की संभावना
मोहम्मद यूनुस ने कहा कि देश में अगला आम चुनाव 2025 के अंत तक या 2026 की पहली छमाही में
होने की संभावना है। यूनुस ने साथ ही कहा कि चुनाव की तिथि राजनीतिक आम सहमति और इस बात
पर निर्भर करेगी कि चुनाव से पहले किस हद तक सुधार किए जाने की आवश्यकता है।ढाका । बांग्लादेश
के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने कहा कि देश में अगला आम चुनाव 2025 के अंत तक या 2026
की पहली छमाही में होने की संभावना है। यूनुस ने साथ ही कहा कि चुनाव की तिथि राजनीतिक आम
सहमति और इस बात पर निर्भर करेगी कि चुनाव से पहले किस हद तक सुधार किए जाने की
आवश्यकता है। यूनुस ने विजय दिवस के मौके पर टेलीविजन पर प्रसारित राष्ट्र के नाम अपने
संबोधन में कहा, ‘‘मोटे तौर पर कहें तो चुनाव 2025 के अंत और 2026 की पहली छमाही के बीच
निर्धारित होने की संभावना है।’’  
 

 चुनाव 2025 के अंत या 2026 की पहली छमाही में होने की संभावना

विजय दिवस 1971 में पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण किए जाने की याद

में मनाया जाता है। भारत की ऐतिहासिक जीत के कारण बांग्लादेश को आजादी मिली थी। यूनुस ने कहा

कि उन्होंने सभी से बार-बार अपील की है कि सभी बड़े सुधार होने के बाद ही चुनाव कराए जाएं। ‘यूनाइटेड

न्यूज ऑफ बांग्लादेश’ ने यूनुस के हवाले से कहा, ‘‘अगर राजनीतिक सहमति बनने पर हमें त्रुटिहीन

मतदाता सूची तैयार करने के आधार पर मामूली सुधारों के साथ चुनाव कराना है तो 2025 के अंत तक

चुनाव हो सकते हैं।’’यूनुस ने कहा, ‘‘और यदि हमें इसके साथ चुनाव सुधार आयोग की सिफारिशों एवं

राष्ट्रीय आम सहमति के आधार पर चुनाव प्रक्रिया में अपेक्षित स्तर का सुधार करना है तो इसमें कम से

कम छह महीने और लग सकते हैं।’’ छात्रों के नेतृत्व में हुए विद्रोह के कारण शेख हसीना की सरकार के

पांच अगस्त को अपदस्थ होने के बाद यूनुस को कार्यवाहक सरकार का प्रमुख बनाया गया। यूनुस ने

मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए आवश्यक व्यापक कार्य पर प्रकाश डाला, जो चुनाव प्रक्रिया के

लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह सुनिश्चित करना है कि पिछले 15 साल में जो लोग

मतदान के पात्र बने हैं, उन सभी के नाम मतदाता सूची में शामिल हों। यह एक बड़ा काम है।’’ उन्होंने कहा

कि छात्रों के विद्रोह के बाद गलती करने की अब कोई गुंजाइश नहीं है, क्योंकि लंबे समय के बाद ऐसा होगा

जब कई युवा पहली बार मतदान करेंगे। उन्होंने कहा कि अतीत में उन्हें इस अधिकार और खुशी

से वंचित रखा गया था।

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