टेरर फंडिंग के मामले में बड़ी कामयाबी

 

टेरर फंडिंग के मामले में बड़ी कामयाबी
टेरर फंडिंग के मामले में बड़ी कामयाबी
मैनेजर ने दावा किया कि ये दोनों कश्मीर से हैं। परवेज़ ने हमें बताया था कि वह घूमने के लिए दिल्ली आये थे।
12 फरवरी की रात करीब 11 बजे परवेज आया। उसका दोस्त फ़ारूक अभी भी हमारे कमरे में रहता है। हमें नहीं
 
पता कि वह 12वीं से 26वीं तारीख तक कहां गए।’कश्मीर और दिल्ली पुलिस ने निज़ामुद्दीन इलाके में स्थित
 
फज़ार रेजीडेंसी और गेस्ट हाउस से एक संदिग्ध आतंकवादी परवेज़ अहमद खान को गिरफ्तार किया। फजर
रेजीडेंसी के मैनेजर मोहम्मद शमी ने बताया कि एक रात पहले कश्मीर और दिल्ली पुलिस आई थी। हमारे
एक कमरे में दो मेहमान ठहरे हुए थे, एक का नाम परवेज़ और दूसरे का नाम फ़ारूक था। पुलिस ने परवेज
को होटल के बाहर से उठाया। हमने परवेज़ और उसके दोस्त के दस्तावेज़ ले लिए, और रजिस्टर में उनकी
 
उचित प्रविष्टि है।
 

टेरर फंडिंग के मामले में बड़ी कामयाबी

मैनेजर ने दावा किया कि ये दोनों कश्मीर से हैं। परवेज़ ने हमें बताया था कि वह घूमने के लिए

 

दिल्ली आये थे। 12 फरवरी की रात करीब 11 बजे परवेज आया। उसका दोस्त फ़ारूक

अभी भी हमारे कमरे में रहता है। हमें नहीं पता कि वह 12वीं से 26वीं तारीख तक कहां

 

 

गए।’ हमें नहीं पता कि वह कहां जाता था और  क्या करता था।हमारे गेस्ट हाउस

 

में भी कोई उनसे मिलने नहीं आया। अगर कोई आता है तो उसके लिए

 

हमारे पास विजिटर एंट्री है।  एक कारोबारी दोस्त मोहम्मद फ़ारूक़ ने कहा

कि मैं परवेज़ को 5-6 साल से जानता

हूँ, मेरा उससे

आर्थिक लेन-देन है। हमारा शॉल का कारोबार है। उन्होंने बताया कि जब पुलिस आई तो

मुझे और परवेज़ को

थाने ले गई, हम दोनों से पूछताछ की गई, पूछताछ के बाद कश्मीर पुलिस उसे ले गई

 

और मुझे छोड़ दिया।

मुझे कभी नहीं लगा कि वह किसी आतंकवादी गतिविधि में शामिल था। उन्होंने कहा

कि पुलिस को अन्य

जानकारी पता करनी चाहिए। परवेज़ कश्मीर से शॉल लाते थे और दिल्ली में बेचते थे।

मुझे नहीं पता कि

इस यात्रा के दौरान वह कहां गए और किससे मिले। 

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