
दिल्ली में 1 मई से बिजली के बिल बढ़ गए हैं। बिजली कंपनियों ने बिजली के दाम बढ़ा दिए है, जिसके
बाद अब लोगों की जेब से बिजली का बिल भरने के लिए अधिक राशि खर्च होगी। घर और व्यवसायों
के लिए बिजली का बिल अधिक होगा। वहीं जुलाई में निवासियों को मिलने वाले बिलों में टैरिफ में
वृद्धि स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।जानकारी के मुताबिक यह वृद्धि दो बीएसईएस कंपनियों –
बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड
(बीवाईपीएल) द्वारा सेवा प्रदान किए जाने वाले क्षेत्रों में देखने को मिलेगी। हालांकि राहत की बात
है कि टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने अपनी दरों में कोई वृद्धि नहीं की है। वहीं बीआर
पीएल और बीवाईपीएल ने कीमतों में बढ़ोतरी की है।बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल)
के अंतर्गत आने वाले इलाकों में टैरिफ में 6.15% की बढ़ोतरी हुई है। इसमें पूर्वी और मध्य दिल्ली के
कुछ हिस्से शामिल हैं।
दिल्ली में बिजली कंपनियों ने बिजली दरें बढ़ाई
एनडीएमसी का कुल पीपीएसी सबसे अधिक 38.75% है, उसके बाद टीपीडीडीएल का 37.88%,
बीवाईपीएल का 37.75% और बीआरपीएल का 35.83% है। इसमें पिछले बकाये पर मौजूदा
पीपीएसी और अतिरिक्त वर्तमान पीपीएसी शामिल है, जिसमें एनडीएमसी और टीपीडीडीएल
प्रत्येक अपनी मौजूदा दरों में 8.75%, बीवाईपीएल 6.15% और बीआरपीएल 8.75% जोड़ रहे हैं।
टैरिफ में यह वृद्धि 1 मई से शुरू होकर तीन महीने के लिए प्रभावी रहेगी। इस अवधि के बाद,
दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) स्थिति की समीक्षा करेगा और बिजली कंपनियों
की याचिकाओं के आधार पर आगे के आदेश जारी करेगा। प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को
अब बिजली के बिल में वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों के लिए यह वृद्धि एक बोझ
की तरह है, खासकर गर्मियों के महीनों के दौरान जब एयर कंडीशनिंग और कूलिंग उपकरणों के
उपयोग के कारण बिजली की खपत आम तौर पर अधिक होती है